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एक ब्रिटिश सिख महिला को किया गया दो वर्ष के लिए निलंबित

एक ब्रिटिश सिख महिला को ने दो वर्ष की निलंबित सजा सुनाई है महिला पर आरोप था कि उसने अपने पूर्व हिंदू प्रेमी  उसके परिवार को परेशान करने के लिए न केवल नस्लीय टिप्पणियां कीं, बल्कि करके उनके दरवाजे पर भी छोड़ा जिससे पीड़ित परिवार की भावनाएं आहत हुईं सुनवाई में महिला के विरूद्ध लगाए गए आरोप सही साबित हुए दक्षिण पश्चिमी इंग्लैंड की स्विनडान क्राउन की न्यायालय ने मंगलवार को अमनदीप मुधार को नस्लीय तौर पर उत्पीड़न के लिए दोषी पाया  दो वर्ष की सजा दी

2012 में कुछ समय के लिए रहा था दोनों मे संबंध
सजा की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश राबर्ट पावसोन ने कहा, ‘‘धार्मिक पृष्ठभूमि के आधार पर लोग आमतौर पर अपने जैसे ही लोगों को तलाश करते हैं चाहे यह ईश्वर में आस्था की बात हो या मानवीय व्यवहार हो, लेकिन आपके मामले में ऐसी बात नजर नहीं आई, आपका व्यवहार भड़काने  डराने वाला था ’’ न्यायालय को बताया गया कि मुधार ने अपने पूर्व ब्वायफ्रेंड के परिवार पर लगातार हमला किया, अपशब्द कहे, फोन करके धमकी दी  सोशल मीडिया पर हमला किया न्यायालय ने बताया कि 26 वर्षीय महिला का आदमी के साथ 2012 में कुछ हफ्तों तक संबंध रहा, जिस दौरान दोनों ‘बहुत अधिक करीब नहीं’ रहे

प्रेमिका ने दी थी परिजनों को जान से मारने की धमकी
लोकल दैनिक ‘स्विनडान एडवरटाइजर’ में छपी समाचार के अनुसार, सांस्कृतिक विभिन्नता के चलते यह अफेयर खत्म हो गया इसके बाद मुधार  उसके परिवार ने पीड़ित युवक की बहनों  मां के दुष्कर्म  उनके कारों एवं घर जलाने की धमकी दी मुधार ने अपने एक दोस्त 30 वर्षीय संदीप डोगरा की मदद से उसके परिवार पर फेसबुक  इंस्टाग्राम पर सीधे हमले किए इसके अतिरिक्त दुष्कर्म  जान से मारने की धमकी दी अभियोजन ने बताया कि एक घटना में परिवार के घर के दरवाजे पर बीफ का पार्सल रख दिया, जिससे हिंदू होने के कारण वे लोग बेहद परेशान हो गये

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