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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ‘रेसिप्रोकल एक्सेस टू तिब्बत एक्ट’ किया गया पारित

अमेरिकी कांग्रेस पार्टी ने एक अहम विधेयक पारित किया है, जिसमें चाइना के उन अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है, जो अमेरिकी नागरिकों, सरकारी अधिकारियों  पत्रकारों को तिब्बत जाने नहीं देते अमेरिका ने निर्वासित तिब्बती नेता दलाई लामा के पूर्व गृहक्षेत्र में कथित धार्मिक उत्पीड़न के मुद्दे पर रिपोर्टिंग के लिए अमेरिकी पत्रकारों, राजनयिकों, शिक्षाविदों  अन्य को तिब्बत स्वायत्त एरिया में प्रवेश नहीं देने पर पहले भी चिंता जताई है यह विधेयक सर्वसम्मति से ऐसे समय में पारित किया गया है, जब ट्रंप प्रशासन चाइना पर बड़े व्यापारिक आयात शुल्क लगा रहा है, जिससे चाइना की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ना प्रारम्भ हो गया है

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में मंगलवार को ‘रेसिप्रोकल एक्सेस टू तिब्बत एक्ट’ पारित किया गया, जिसमें यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि अमेरिकी नागरिकों को भी तिब्बत में उसी तरह जाने दिया जाए जैसे कि अमेरिका में चीनी नागरिकों को जाने दिया जाता है इंडियन अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने सदन में कहा, ‘द रेसिप्रोकल एक्सेस टू द तिब्बत एक्ट निष्पक्षता, मानवाधिकारों  सतर्क अमेरिकी कूटनीति के बारे में है लंबे समय से चाइना ने तिब्बत में जाने से पाबंदी लगा रखी है, पत्रकारों को तिब्बत में मानवाधिकार उल्लंघनों की रिपोर्टिंग करने  तिब्बती अमेरिकियों को उनके राष्ट्र में जाने से रोक कर रखा गया है ’

उन्होंने बोला कि यह विधेयक इस विचार पर आधारित है कि कूटनीति के कानून के तहत आप जैसा व्यवहार करेंगे, बदले में वैसा ही पाएंगे अगर चीनी अधिकारियों, पत्रकारों  अन्य नागरिकों को अमेरिका में आजादी से यात्रा करने की अनुमति है तो अमेरिकी नागरिकों को भी ऐसी ही अनुमति मिले विधेयक के मुख्य लेखक कांग्रेस पार्टी सदस्य जिम मैकगवर्न ने कहा, ‘इस विधेयक में तिब्बत के इलाकों में यात्रा करने से रोकने वाले चीनी ऑफिसर अमेरिका में रहने या वीजा हासिल करने से अयोग्य हो जाएंगे ’

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