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सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा व्यापारियों को जेल भी भेज रही है-अखिलेश यादव

लखनऊ- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारियों के एक दल से वार्ता में कहा कि हम आपके हैं और आप हमारें हैं। भाजपा सरकार के राज में  नोटबंदी जीएसटी के साथ छापेमारी, नोटिस देने जैसी तमाम यातनाएं व्यापारियों को मिल रही है। व्यापारियों को जेल भी भेजा जा रहा है। सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा कुछ भी कर सकती हैं इसलिए इससे सावधान रहना होगा। वह कोई भी झगड़ा लगा सकती है।

श्री यादव ने कहा कि व्यापार और व्यापारी पर संकट की स्थिति में सरकार को मदद करनी चाहिए। लेकिन भाजपा को इसकी चिंता नहीं है। 40 हजार व्यापारी भारत को छोड़कर विदेश चले गए हैं। व्यापारियों में लूट, अपहरण और हत्या के कारण भारी असुरक्षा है। उनकी समस्याएं सुनी नहीं जा रही है। प्रधानमंत्री जी सिर्फ अपने मन की बातें करते हैं। मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण के लिए बनी यूपी डायल 100 व्यवस्था को शिथिल कर दिया क्योंकि उसे समाजवादी सरकार ने शुरू किया था।

अखिलेश यादव ने कहा कि संसद में भाजपा के 73 सांसद है और उत्तर प्रदेश विधानसभा में उसका 324 विधायकों का बहुमत है। केन्द्र सरकार 5 और राज्य सरकार 2 बजट ला चुकी है लेकिन इससे विकास का कोई काम नहीं हुआ है। जीएसटी की जटिलता को सरल करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। भ्रष्टाचार में वृद्धि हुई है। भाजपा की कुनीतियों ने भारत की अर्थव्यवस्था को पीछे कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी आंदोलन को जीएसटी से धक्का लगा हैं। हम इसे घोषणा पत्र में शामिल करेंगे। व्यापारियों के लिए सुरक्षा सेल बननी चाहिए। समाजवादी सरकार में मंडियों की व्यवस्था की गई थी जिससे व्यापारी और किसान दोनों को सुविधा होती। व्यापार की प्रगति में सड़क और बिजली की जरूरत को देखते हुए समाजवादी सरकार ने कई कदम उठाए थे। उन्होंने कहा व्यापार के लिए नीति, नीयत और सुरक्षा के साथ सुविधा होना आवश्यक है। भाजपा राज में यह सब होना उनके तमाम दावों की तरह असम्भव है। इसलिए आक्रोशित बस 2019 में होने वाले चुनावों के इंतजार में है।

विधायक संजय गर्ग की उपस्थिति में अखिलेश यादव से भेंट करने आए व्यापारियों ने कहा कि उनका भरोसा अखिलेश जी के नेतृत्व पर है। विश्वास है कि राज्य का भला श्री यादव ही कर सकते हैं। समाजवादी पार्टी उनके हितों की संरक्षा करती है। समाजवादी सरकार में ही चुंगी समाप्त हुई थी और धारा 3/7 हटाई गई थी। व्यापारियों का मानना है कि अखिलेश यादव जी की सोच भी विकासशील और सकारात्मक है। व्यापारी नेताओं ने कहा कि उनका समर्थन समाजवादी पार्टी के साथ रहेगा। वर्ष 2019 और 2022 के चुनावों में समाजवादी पार्टी को व्यापारी जिताएंगे।

व्यापारी नेताओं ने कहा कि आज व्यापारी सड़क पर है। व्यापार ठप्प है और व्यापारी अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और अपराधों का बोलबाला है। व्यापारी लूट, हत्या, अपहरण और फिरौती की घटनाओं से बुरी तरह त्रस्त हैं। भाजपा ने व्यापार की रीढ़ तोड़ दी है। नोटबंदी और जीएसटी से व्यापारियों में घोर निराशा है। वे उद्वेलित और उलझन में हैं। इस बजट से सैकड़ों व्यापारी अवसाद के शिकार हुए है। गुड-खांडसारी व्यापारी भी परेशान है। भाजपा ने उन्हें बर्बाद कर दिया है।

प्रदेश के व्यापारी नेताओं ने भूतपूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कहा कि आप गौपालक हैं तो हम गौपूजक हैं। मगर भाजपा तो रागद्वेष से काम करती है और हिन्दू-मुसलमान का मुद्दा उठाकर जनता में भ्रम पैदा करती है। उन्होंने कहा कि किसानों और व्यापारी वर्ग के हित परस्पर जुड़े हैं। श्रमिकों में बेकारी फैली हुई है। श्रमिकों का हित भी व्यापार से जुड़ा हुआ है। भाजपा सरकार में जहां व्यापारी त्रस्त है वहीं किसान तबाह है और श्रमिकों को बेकारी का शिकार होना पड़ा है।

अखिलेश यादव से मिलने वालों में श्याम सुन्दर अग्रवाल (गाजियाबाद), अभिमन्यु गुप्ता (बागपत), संजय मित्तल (मुजफ्फरनगर), मोहलडमल गर्ग (सहारनपुर), प्रो0 योगेश कुमार गुप्ता (सहारनपुर), जीतेन्द्र गोयल (हापुड़), विनोद अग्रवाल (आगरा), राजेन्द्र सिंघल (मुजफ्फरनगर), श्याम मोहन अग्रवाल (मुरादाबाद), प्रमोद जैन (बड़ौत) आदि प्रमुख थे।

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