Breaking News

तकनीकी खामियों के बीच मतदान के समय में किया गया इजाफा

मालदीव में रविवार को हो रहे राष्ट्रपति पद के चुनाव में तकनीकी खामियों के बीच मतदान के समय में इजाफा किया गया है इससे पहले, विपक्ष के प्रचार अभियान मुख्यालय पर पुलिस ने छापा मारा था जिनसे इन आंशकाओं को बल मिला कि चाइना की तरफ झुकाव रखने वाले राष्ट्रपति अब्दुल्लाह यामीन के पक्ष में चुनाव में हेराफेरी की जा सकती है चुनाव आयोग ने बोला कि मतदान की मियाद को तीन घंटे बढ़ाकर इसे (स्थानीय समयनुसार) शाम सात बजे तक कर दिया गया है क्योंकि जिन टेबलेटों में चुनावी सूचियां हैं उनमें तकनीकी खामियां थीं  अधिकारियों को स्वयं से मतदाताओं का सत्यापन करना पड़ा

कई मतदाताओं ने बोला कि उन्हें हिन्द महासागर के द्वीप समूह के कई हिस्सों में मतदान के लिए घंटों कतार में खड़ा होना पड़ा इसके अतिरिक्त पड़ोसी श्रीलंका  हिंदुस्तान में मालदीव के निर्वासित मतदाता हैं पूर्व विदेश मंत्री संसार मौमून ने ट्विटर पर बोला ‘‘ आठ घंटे हो गए हैं  अपने लोकतांत्रिक हक का प्रयोग करने का इंतजार कर रही हूं ’’

मौमून, यामीन की भतीजी हैं  पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम की बेटी हैं उन्होंने कोलंबो में मालदीव के दूतावास में मतदान किया यामीन के सत्ता में बने रहने के संभावना हैंउन्होंने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को या तो कारागार में डाल दिया है या वे निर्वासन में रहने को मजबूर हैं चुनावी प्रक्रिया पर क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी हिंदुस्तान  चाइना करीब से निगाह रख रहे हैं

इस बीच यूरोपीय संघ  अमेरिका ने चुनाव के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष नहीं होने पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है यामीन ने राजधानी माले में मतदान केंद्र के खुलने के कुछ वक्त बाद ही मतदान किया मतदान प्रारम्भ होने से पहले, पुलिस ने विपक्षी मालदिवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के प्रचार मुख्यालय पर छापा मारा था  ‘अवैध गतिविधि’ रोकने की प्रयासके नाम पर इमारत की कई घंटों तक तलाशी ली

इस सिलसिले में किसी को अरैस्ट नहीं किया गया यामीन को चुनौती देने वाले इब्राहीम मोहम्मद सोलीह उतने लोकप्रिय नहीं है उन्होंने भी अपना वोट डाला सोलीह को संयुक्त विपक्ष का समर्थन हासिल है जो यामीन को सत्ता से बेदखल करना चाहता है लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मालदीव के पहले राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को अब निर्वासित ज़िंदगीबिताना पड़ रहा है

नशीद ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह चुनाव के नतीजों को खारिज करे स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को इन चुनावों की निगरानी की मंजूरी नहीं दी गई है   सिर्फ विदेशी मीडिया के कुछ पत्रकारों को चुनाव कवर करने की इजाजत मिली है विदेशी चुनाव निगरानी समूह ‘एशियन नेटवर्क फॉर फ्री इलेक्शन्स’ ने बोला कि चुनाव प्रचार 59 वर्ष के यामीन के पक्ष में बहुत हद तक झुका हुआ है

‘एशियन नेटवर्क फॉर फ्री इलेक्शन्स’ ने बोला उसे निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं है बीते फरवरी में आपातकाल लागू कर, संविधान को निलंबित कर  यामीन के विरूद्ध महाभियोग की प्रयास कर रहे सांसदों को रोकने के लिए सैनिकों को भेजकर मौजूदा राष्ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को चिंता में डाल दिया था कई वरिष्ठ जजों  प्रमुख विपक्षी नेताओं को कारागार में डाल दिया गया था

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *