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खेल मंत्री से नाराज एशियन गेम्स सिल्वर मेडलिस्ट शार्दुल विहान का परिवार

शार्दुल विहान ने इंडोनेशिया में संपन्न 18वें एशियन गेम्स में डबल ट्रैप इवेंट में सिल्वर पर निशाना साधते ही इतिहास रच दिया। अब उनका डंका दुनिया भर में बज चुका है। खुद खेल मंत्री और पूर्व ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पालेमबांग में 15 वर्षीाय शूटर का जमकर उत्साहवर्धन किया।

मगर उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान का इस मामले में उदासीन रवैया अब चर्चा का विषय बन चुका है। दरअसल, सितंबर 1969 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना डेब्यू करने वाले चेतन चौहान अब अपनी दूसरी पारी में राजनीति का रुख कर चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेने के बाद वे अमरोहा से दो बार के सांसद हैं और फिलहाल यूपी सरकार में खेल मंत्री का पद संभाल रहे हैं। बावजूद इसके उन्होंने मेरठ के 15 वर्षीय शार्दुल विहान को बधाई देना तक जरूरी नहीं समझा, जिन्होंने सबसे कम उम्र में पदक जीतने वाले भारतीय शूटर का तमगा हासिल किया।

मंत्री चेतन चौहान और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इस व्यवहार के प्रति शार्दुल के पिता दीपक विहान का दुख भी झलका। अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कहा, ‘देश के पीएम नरेंद्र मोदी, खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, ओलंपियन अभिनव बिंद्रा समेत कई हस्तियों ने शार्दुल को बधाई देकर उसका उत्साहवर्धन किया। मगर सूबे के खेल मंत्री को इस युवा खिलाड़ी का उत्साह बढ़ाने का समय तक नहीं मिला।

पुरस्कार राशि के बारे में बात करते हुए दीपक विहान ने बताया, ‘उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी को 50 लाख रुपए इनाम स्वरूप दिए जा रहे हैं, जबकि हरियाणा जैसा राज्य अपने खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपए की इनामी राशि समेत सरकारी नौकरियों का अवसर भी दे रहा है। ऐसे में अगर खिलाड़ियों को सरकार द्वारा उचित मान-सम्मान नहीं मिला तो वो हतोत्साहित हो सकते हैं।

अमर उजाला डॉट कॉम को दिए इंटरव्यू में खुद शार्दुल विहान ने बताया कि किस तरह उनके साथी खिलाड़ी 16 वर्षीय सौरभ चौधरी ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीता और उत्तर प्रदेश सरकार से सिर्फ उसे 50 लाख इनाम की घोषणा हुई जबकि हरियाणा अपने सभी खिलाड़ियों को करोड़ों की प्रोत्साहन राशि दे रहा है।

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