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वेदों की वाणी इस देश में हुई सच, आखिर क्या हुआ कुछ ऐसा

जीवेम शरदः शतम् अर्थात हम सौ शरद ऋतु तक जीएं यानि हम सौ वर्ष तक जीएं। अथर्ववेद में 19वें खंड के 67वें सूक्त में सुखपूर्वक 100 या उससे ज्यादा वर्षों तक जीने की कामना की गई है। यह सनातन सत्य जापान में भी देखने को मिल रहा है।

जापान में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की आबादी इस महीने रिकार्ड 69,785 हो गई है। इसमें से 88.1 फीसदी महिलाएं हैं जिन्होंने अपने जीवन में 100 शरद ऋतुओं को जीया है। सरकार ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसका कारण स्वास्थ्य सेवाओं में हुई उन्नति और लोगों के बीच स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरूकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक यह आंकड़ा पिछले साल से 2,014 अधिक है तथा दो दशक पहले की तुलना में सात गुणा अधिक है।

जापान में 100 से ज्यादा उम्र वाले लोगों में 61,454 महिलाएं हैं, जबकि 8,331 पुरुष हैं, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री यासुहिरो नाकासोने भी शामिल हैं, जो मई में 100 साल के हुए।

जापान में 100 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों की संख्या में 1971 से बढ़ोतरी हो रही है और सरकार को उम्मीद है कि यह चलन जारी रहेगा।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन एंड सोशल सिक्युरिटी रिसर्च के अनुमानों के मुताबिक, अगले पांच सालों में वहां 100 से अधिक उम्र वाले लोगों की संख्या एक लाख को पार कर जाएगी तथा अगले 10 सालों में बढ़कर यह 1,70,000 हो जाएगी।

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