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लोकल सर्विस सेंटर पर यूपीपीसीबी चलाएगी कैंची

जिले में मौजूद ऑटोमोबाइल कंपनियों को सर्विस सेंटर की स्थापना से पहले अब यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) से अनुमति लेनी होगी। साथ ही अपने सभी सर्विस सेंटर्स की सूची भी यूपीपीसीबी को उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए ऑटोमोबाइल कंपनियों को पंद्रह दिन का समय दिया गया है।

वातावरण से प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है। सूरजपुर, तुगलपुर, कासना, जगत फॉर्म समेत ग्रामीण क्षेत्रों में होंडा, हीरो, मारुति, बजाज समेत कई अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों के सर्विस सेंटर स्थापित हैं जिनकी सही जानकारी भी यूपीपीसीबी के पास नहीं है।

यूपीपीसीबी इन सभी कंपनियों के सर्विस सेंटर्स की जानकारी भी जुटा रहा है। जानकारी मिलने के बाद यूपीपीसीबी द्वारा उन कंपनियों को स्वत: भी नोटिस दिया जाएगा, जो बिना अनुमति के संचालित हो रहे होंगे। यूपीपीसीबी के मुताबिक जिले में तमाम ऐसी ऑटोमोबाइल कंपनियों के सर्विस सेंटर्स संचालित हो रहे हैं, जो यूपीपीसीबी की जानकारी में नहीं हैं और उनके द्वारा जल प्रदूषण किया जा रहा है।

वाहनों की धुलाई के दौरान निकलने वाले फ्यूल से आस-पास का वातावरण प्रदूषित होता है।  इसके अलावा बड़े पैमाने पर कूड़े-कचरे का भी उत्सर्जन होता है, जिसमें रोकथाम लगाने के उद्देश्य से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है।

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