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डिजिटल लॉगर के बाद दिखी ट्रेनों की पंक्चुलिटी रिपोर्ट

भारतीय ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अक्सर ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या के कारण परेशान होना पड़ता है ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री अक्सर कहते हैं कि ट्रेन का रियल टाइम  वह कब किस स्टेशन पर पहुंचेगी इसकी स्टीक जानकारी उन्हें नहीं मिलती है यात्रियों की इन्हीं समस्याओं का समाधान करने के लिए इंडियन रेलवे प्रशासन ने नया उपाय खोज निकाला है

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रेलवे अपने सिस्टम को ट्रेन के रवाना होने  आगमन पर दिए जाने वाले सिग्नल से जोड़ने जा रहा है, ताकि पैसेंजर्स को ट्रेन की रियल लोकेशन की जानकारी मिल सके, इसके लिए रेलवे प्रशासन द्वारा डेटा लॉगर का प्रयोग प्रारम्भ कर दिया है

अभी तक मैन्युल आधार पर होती है टाइमिंग सेट
रेलवे की मानें तो अभी तक सभी ट्रेनों की जानकारी मैन्युल आधार पर मिलती है, ट्रेन जिस स्टेशन पर पहुंचती है वहां का स्टेशन का ऑफिसर उसका टाईमिंग सिस्टम में फीड करता है कितने घंटे ट्रेन लेट चल रही है या कितने घंटे लेट पहुंचेगी इसकी जानकारी भी सिस्टम में रेलवे का कर्मचारी मैन्युल ही फीड करता है लेकिन रेल मंत्रालय जब ट्रेनों का वक्त जानने के लिए नए डिजिटल सिस्टम डाटा लॉगर का इस्तेमाल प्रारम्भ किया तो असल तस्वीर सामने आनी प्रारम्भ हुई ये सामने आया कि जो डेटा पहले मिल रहा था जो अब मिल रहा है उसमे बड़ा अंतर है

98 लोकेशन पर डेटा लॉगर सिस्टम का होगा इस्तेमाल
रेलवे ने अब रियल टाइम बेसिस पर ये जानकारी डाटा लॉगर के जरिये उपलब्ध करानी प्रारम्भ कर दी है. पहले चरण में रेलवे ने कई जोनल इंटरचेंज प्वाइंट,  मेगा टर्मिनल पर राष्ट्र भर में कुल 98 लोकेशन पर डेटा लॉगर सिस्टम लगाये है यानि जैसे ही ट्रेन इस इंटर चेंज से गुजरती है ट्रेनों की मिनट सेकेंड के साथ जानकारी सर्वर पर आ जाती है कि कौन सी ट्रेन इस वक्त बोला से बोलासे गुजरी है, इसमें कोई भी छेड़खानी नहीं कर सकता है क्योंकि यह पूरी तरह से ऑटोमैटिक बेसिस पर कार्य कर रहा है

देशभर में 141 प्वाइंट को किया गया चिन्हित
इस बारे में जानकारी देते हुए बोला है कि राष्ट्र भर में अभी 141 प्वाइंट चिन्हित किए गए है जहां डेटा लॉगर का इस्तेमाल ट्रेनों की रियल टाइमिंग जानने के लिए किया जाएगा रेलवे का कहना है कि डेटा लॉगर से जो जानकारी सीधी रियल टाइमिंग पर मिल रही है उससे कोई भी ऑफिसर मैन्युल रूप में भी कही गलत फीड नहीं करेगा  यदि करेगा तो डेटा लॉगर से जानकारी के मिलान के बाद उसका फर्जीवाड़ा पकड़ा जाएगा रेल मंत्रालय की तरफ से इस पर साफ आदेश दिए गए है कि अब यदि मैन्युल कोई भी जानकारी ट्रेनों की लेटलतीफी की गलत देगा तो उस स्टेशन के ऑफिसर  कर्मचारी के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी

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