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2019 के चुनाव की तैयारीयों जुटे अमित शाह, बोले उड़ जाएगी विरोधियों की नींद

एनआरसी को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का साफ कहना है कि देश में एक भी घुसपैठिए को रहने नहीं दिया जाएगा। सरकार चुन-चुनकर हर विदेशी नागरिक को उनके मुल्क वापस भेजेगी।

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नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने साफ किया है कि एक भी बांग्लादेशी घुसपैठिए को भारत में नहीं रहने दिया जाएगा, सभी को चुन-चुनकर बाहर निकालेंगे। शाह ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की नीति एकदम साफ है कि हमारी पार्टी किसी भी हालात में इससे समझौता नहीं करेगी।

भाजपा के पार्टी कार्यकर्ताओं के शक्ति केंद्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा- पार्टी का संकल्प है कि एक भी बांग्लादेशी घुसपैठिया भारत में ना रहने पाए, सभी को उनके देश वापस भेजा जाए। तो वहीं शाह ने एनआरसी का विरोध करने वालों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक की चिंता करने वाले मानवाधिकार की बात करते हैं, उन्हें इस देश की और इस देश के गरीब की चिंता बिल्कुल भी नहीं है।

इसके अलावा अमित शाह ने पाक से भारत में आए हिंदुओं के मुद्दे को लेकर भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिटीजन अमेंडमेंट बिल लेकर आए हैं, जिसमें हमने तय किया है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान के अलावा बांग्लादेश से आए सिख, हिंदू, बौद्ध और जैन घुसपैठिए नहीं बल्कि वो सभी शरणार्थी हैं और उन सभी को भारत में नागरिकता दी जाएगी।

साथ ही जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को भाजपा महासचिव राम माधव भी कह चुके हैं कि असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण की अंतिम सूची में शामिल नहीं किए जाने वाले लोगों का मताधिकार छीन लिया जाएगा और उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाएगा। तो वहीं असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का कहना है कि एनआरसी को सिर्फ असम ही नहीं पूरे भारत में लागू किया जाना चाहिए।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद असम में एनआरसी की कार्रवाई की गई, जिसके मुताबिक, 30 जुलाई 2018 को प्रकाशित मसौदा सूची में 40 लाख से ज्यादा लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए, यानि कि अब उन्हें भारत से निकाला जाएगा और वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा।

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