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3 लाख सैनिकों के साथ रूसी इतिहास का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास

दुनिया पर एक बार फिर से अपना वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से रूस मंगलवार से वोस्टोक-2018 नामक युद्धाभ्यास कर रहा है। पूर्वी साइबेरिया में 11 से 17 सितंबर तक होने वाले इस युद्धाभ्यास में चीनी और मंगोलिया के सैनिक भी हिस्सा लेंगे। रूस वोस्टोक-2018 के जरिए इस्कैंडेर मिसाइल, टी-80 और टी-90 टैंक के साथ एसयू-34 और एसयू-35 लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन करेगा।

यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में किया जा रहा है, जब रूस पर यूरोपीय संघ और यूक्रेन व सीरिया में चल रहे संघर्ष में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा है। वोस्टोक-2018 को लेकर यूरोपीय देशों सहित नाटो ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। वहीं, रूस के मिलिट्री विशेषज्ञ पावेल फेलगेनहॉर ने इसे भविष्य में होने वाले विश्व युद्ध की तैयारी बताया।

चार साल पहले रूस ने किया था सबसे बड़ा युद्धाभ्यास

इससे पहले रूस ने 1981 में डेढ़ लाख सैनिकों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास किया था। इसके बाद 2014 में 1.55 लाख जवानों के साथ वोस्टोक-2014 नामक युद्धाभ्यास किया था। फिर पिछले साल बेलारूस के साथ मिलकर जापाक-2017 नामक युद्धाभ्यास किया था। इसमें 12700 सैनिकों ने हिस्सा लिया था।

अगले महीने 40 देशों के साथ नाटो शुरू करेगा अपना युद्धाभ्यास

वोस्टोक-2018 के बाद नाटो अक्टूबर-नवंबर में अपना सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू करेगा। इसमें 30 देशों के करीब 40 हजार जवान हिस्सा लेंगे। इसमें 130 से ज्यादा एयरक्राफ्ट और 70 से ज्यादा युद्धपोत भी शामिल होंगे।

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