Breaking News

कानपुर के काकादेव में प्रिंस और मोनू की हत्या में कम से कम तीन लोग शामिल

कानपुर के काकादेव में प्रिंस और मोनू की हत्या में कम से कम तीन लोग शामिल हैं। इस दोहरे हत्याकांड को साजिश के तहत अंजाम दिया गया। माना जा रहा है कि हत्यारों ने वारदात की स्क्रिप्ट कई दिन पहले तैयार कर ली थी। प्लाट पर दोनों भाइयों की कब्र पहले ही खोद ली थी। अफसरों का मानना है कि हत्या की तैयारी पूरी करने के बाद बृहस्पतिवार रात 10:30 बजे हत्यारों ने दोनों भाइयों को किसी बहाने से बुलाया। दोनों भाई कार लेकर तय स्थान पर पहुंच गए। वहां हत्यारे उन लोगों की कार में बैठे।


इसके बाद देर रात शहर में घूमते रहे। फिर सन्नाटा होने पर मौका पाकर कार के भीतर ही दोनों भाइयों की हत्या कर दी। इसके बाद शवों को कार से ही प्रीतम सिंह के प्लाट तक लाया गया। वहां पहले से खोदे गए गड्ढे में दोनों के शव दफनाए। पास ही मोनू की कार छोड़कर हत्यारे फरार हो गए। अफसरों का लगता है कि वारदात के वक्त दोनों भाइयों में एक कार चला रहा होगा और दूसरा उसके बगल की सीट पर बैठा रहा होगा। हत्यारे पीछे की सीट पर बैठे रहे होंगे। उन लोगों ने मौका मिलने पर पीछे से दोनों भाइयों का नायलोन की रस्सी से गला घोंटने के बाद ईंट से कुचल कर हत्या कर दी। इसके बाद प्लाट के पास ही लावारिस हालत में कार छोड़कर भाग निकले।

गहरी खुन्नस थी, इरादा केवल हत्या
जिन भी लोगों ने प्रिंस और मोनू को मारा है, उनका केवल हत्या करना था। इसकी वजह है कि कार में दोनों भाइयों के मोबाइल को छोड़कर डेढ़ लाख रुपये, कपड़े, भारी संख्या में मोबाइल के सिम, पहचान पत्र, एटीएम कार्ड बरामद हुए थे। पुलिस का मानना है कि हत्यारों का इरादा लूट होता तो वह कार व नगदी छोड़कर नहीं जाते। अफसरों का मानना है कि दोनों भाइयों की हत्या जिस तरह से की गई है, उससे मामला आशनाई और ब्लैकमेलिंग का प्रतीत हो रहा है। हालांकि हत्या की सही वजह हत्यारों के पकड़े जाने के बाद ही पता चल सकेगी।

फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड हुआ फेल
कब्र खोदकर शव निकालता मजदूर
फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड हुआ फेल
कानपुर। किसी भी वारदात के बाद अपराधियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस डॉग स्क्वायड व फोरेंसिक टीम की मदद लेती है। शुक्रवार को काकादेव में लावारिस कार मिलने और प्रीतम सिंह के खाली प्लाट पर शव दफनाए जाने की आशंका इलाकाई लोगों ने जताई थी। फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड वहां गया था, लेकिन कुछ सुराग नहीं लगा पाया था। दोनों फेल हो गए। शनिवार को एसएसपी ने प्लाट का निरीक्षण किया, खुदाई कराई और दोनों भाइयों के शव बरामद हो गए। रात में एडीजी अविनाश चंद्र ने भी मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।

गुमटी में है प्रीतम सिंह की मार्केट
पुलिस ने बताया कि जिस प्लाट में दोनों भाइयों के शव दफनाए गए थे। वह प्लाट प्रीतम सिंह का है। प्रीतम सिंह की गुमटी नंबर पांच में प्रीतम मार्केंट है। मामले में प्रीतम सिंह से भी जानकारी की जाएगी।

रात में बंद हो गए थे दोनों भाइयों के फोन
पुलिस ने दोनों भाइयों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। पता चला कि रात एक बजे प्रिंस का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। अगले दिन सुबह चार बजे के करीब मोनू का भी मोबाइल बंद हो गया था। पुलिस का मानना है कि हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद भी मोनू का मोबाइल चला रहे थे। अब पुलिस दोनों के मोबाइल का लोकेशन पता लगाने में जुटी है।

यह था मामला
काकादेव डबल पुलिया के पास स्थित स्कूल के पास शुक्रवार तड़के सफेद रंग की वैगनआर कार लावारिस खड़ी मिली थी। कार में आगे की दोनों सीटों, शीशों और स्टेयरिंग पर खून बिखरा था। कार में खून से सनी एक ईंट, मांस के लोथड़े और पान मसाला के खाली पाउच भी पड़े थे। कार प्रिंस सिंह की है। प्रिंस की बहन ज्योति ने बताया कि दोनों भाई प्रिंस और मोनू सिंह बृहस्पतिवार रात आधे घंटे में लौटने की बात कहकर घर से निकले थे। इसके बाद से दोनों लापता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *