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RBI ने नोट रिफंड रूल्स, 2009 में कई महत्वपूर्ण किए संशोधन

आरबीआई ने कटे-फटे नोटों को बदलने के लिए रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (नोट रिफंड) रूल्स, 2009 में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। आरबीआई ने 6 सितंबर को ही बदले प्रावधानों को लागू करने की घोषणा कर दी थी। ये संशोधन महात्मा गांधी श्ृंखला के नए नोटों को जनता से बदलने के लिए किए गए हैं। ये नोट पहले जारी किए गए नोटों की तुलना में आकार में छोटे हैं।

आरबीआई ने 50 रुपये या उससे ज्यादा मूल्य के कटे-फटे नोटों को लेकर कई महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। बदले प्रावधानों के तहत यदि ये नोट 40 फीसदी से ज्यादा हिस्से में बंटे होंगे तो उन परिस्थितियों में पूरा रिफंड मिलेगा। आरबीआई ने 2000 रुपये मूल्य के क्षतिग्रस्त नोटों के लिए भी मौजूदा नियमों में बदलाव किया है। रिजर्व बैंक के मुताबिक, अगर 2000 रुपये का क्षतिग्रस्त नोट का बड़ा टुकड़ा 88 वर्ग सेमी या उससे बड़ा है तो ऐसी स्थिति में रिजर्व बैंक संबंधित व्यक्ति को पूरा रिफंड करेगा। लेकिन अगर नोट के टुकड़े का बड़ा हिस्सा 44 वर्ग सेमी या उससे छोटा है तो उस परिस्थिति में रिजर्व बैंक ग्राहक को 2000 रुपये के बदले 1,000 रुपये ही रिफंड करेगा।

कौन से नोट कटे-फटे माने जाएंगे: नोट अगर साधारण कटे-फटे, मैले हैं या एक ही नोट के दो हिस्से हैं और उन पर अंकित जरूरी फीचर स्पष्ट हो रहे हैं तो उन्हें बदला जा सकता है, उनसे किसी प्रकार का सरकारी भुगतान किया जा सकता है या फिर खाते में क्रेडिट कराया जा सकता है। नोटों की हालत अगर बदतर है, मसलन वे एकदम सड़ से गए हैं, जले या बुरी तरह झुलसे हुए हैं या चिपके हुए हैं और सामान्य तौर पर उनकी हैंडलिंग नहीं की जा सकती है तो फिर उन्हें किसी भी शाखा से नहीं बदला जा सकता है। ऐसे नोट वाले को सलाह दी जाती है कि वे उन्हें जारी किए जाने वाले कार्यालय से संपर्क करे जहां एक विशेष प्रकिया के तहत उन पर फैसला लिया जाएगा।

प्रॉसेस: अगर किसी के पास कटे-फटे या मैले नोट 20 टुकड़ों में हैं और उनका मूल्य अधिकतम 5000 रुपये के बराबर बैठता है तो वह एक दिन में इतने नोट बैंक के काउंटर पर नि:शुल्क बदल सकता है। अगर किसी के पास 20 से ज्यादा टुकड़ों में नोट हैं और उनका मूल्य 5000 रुपये से बाहर जा रहा है तो वह उन्हें बदलने के लिए बैंक जा सकता है लेकिन उनका मूल्य बाद में क्रेडिट किया जाएगा। इसके लिए बैंक स्वीकृत शुल्क भी वसूल सकती है।

अगर ऐसे नोटों का मूल्य 50 हजार रुपयों से ज्यादा है तो बैंक सामान्य सावधानी बरतेगी। किसी नोट पर किसी तरह का कोई राजनीतिक संदेश या नारा लिखे होने की सूरत में उसे नहीं बदला जा सकेगा। किसी नोट को विकृत किए जाने पर भी उसे नहीं बदला जा सकेगा। अगर नोट को जानबूझकर काटा-फाड़ा या गंदा किया हुए पाया जाता है तो आरबीआई के नियम के मुताबिक उससे न तो भुगतान संभव होगा और न ही उसे बदला जाएगा।

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