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एससी-एसटी कानून में परिवर्तन का परीक्षण करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम न्यायालय ने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अत्याचार समाधान संशोधन कानून, 2018 का परीक्षण करने का फैसला लिया है. इस संशोधित कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर शीर्ष न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र गवर्नमेंट को नोटिस जारी किया है.
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जस्टिस एके सीकरी  अशोक भूषण की पीठ ने इस कानून को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं पर केंद्र से छह सप्ताह में जवाब मांगा है. हालांकि, न्यायालय ने दूसरे पक्ष को सुने बिना संशोधित कानून पर रोक लगाने की मांग ठुकरा दी. एक याची की ओर से पेश मोहन परासरन ने बोला कि गवर्नमेंट ने संशोधन के जरिये 20 मार्च को दिए सुप्रीम न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर दिया है. संशोधित कानून के जरिये पहले जैसी स्थिति बहाल कर दी गई.

याचिका में गुहार लगाई गई है कि संशोधित कानून को निरस्त कर 20 मार्च के आदेश को बहाल किया जाए. इसमें सुप्रीम न्यायालय ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के दुरुपयोग के मद्देनजर अधिनियम के तहत मिलने वाली शिकायत पर स्वत: एफआईआर  गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. साथ ही अग्रिम जमानत का प्रावधान जोड़ दिया था. एफआईआर दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की बात कही थी. न्यायालय ने बोला था कि सरकारी अधिकारियों की अरैस्ट से पहले नियुक्त करने वाली अथॉरिटी से अनुमति लेनी होगी. पृथ्वी राज चौहान, प्रिया शर्मा  एक संस्था ने संशोधन कानून को चुनौती दी है.

केंद्र की पुनर्विचार याचिका है लंबित
आदेश के विरूद्ध केंद्र ने सुप्रीम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जो फिल्हाल लंबित है. इसी दौरान गवर्नमेंट ने कानून में संशोधन कर दिया. इससे दलितों को सताने की शिकायत पर तत्काल गिरफ्तारी होगी. आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं मिल पाएगी. एफआईआर दर्ज करने से पहले प्राथमिक जांच की आवश्यकता नहीं होगी.

जातिवाद की घिनौनी पॉलिटिक्स कर रही है बीजेपी : मायावती
संशोधन कानून के विरूद्ध 6 सितंबर को हिंदुस्तान बंद पर बीएसपी प्रमुख मायावती ने बोला है कि यह बीजेपी  संघ का चुनावी षड्यंत्र है. बीजेपी शासित राज्यों में सबसे ज्यादा विरोध साबित करता है कि पार्टी जातिवाद की घिनौनी पॉलिटिक्स कर रही है. बीजेपी ऐसे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन कर रही है, ताकि वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके.

अगड़ी जातियों को बदलनी चाहिए मानसिकता : अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बोला कि अगड़ी जाति के लोग कानून में परिवर्तन की मांग के बजाय दलितों के प्रति मानसिकता में परिवर्तन करें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून का दुरुपयोग नहीं होगा. बृहस्पतिवार को बीजेपी शासित राज्यों में हुए ‘भारत बंद’ को अठावले ने विपक्षी दलों की गवर्नमेंट को बदनाम करने की प्रयास करार दिया.

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