Breaking News

यौन उत्पीड़न व तेजाब हमला पीड़ित पुरुषों को भी मिलेगा मुआवजा

यौन उत्पीड़न और तेजाब हमले के शिकार पुरुषों को भी अब मुआवजा मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न से बच्चों की सुरक्षा (पॉक्सो) कानून पर सुनवाई कर रहे विशेष जजों को 2 अक्तूबर से यह योजना लागू करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत का कहना है कि इस मामले में विशेष अदालतों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नाल्सा) की योजना का पालन करना चाहिए, क्योंकि पॉक्सो कानून जेंडर न्यूट्रल (लिंग समानता) पर आधारित है।

न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘हमारा मानना है कि जब तक केंद्र सरकार द्वारा नियम तय नहीं हो जाते हैं, पॉक्सो मामले की विशेष अदालतों को यौन उत्पीड़न पीड़ितों को नाल्सा मुआवजा योजना का ही पालन करना चाहिए। विशेष अदालतों को यौन उत्पीड़न के नाबालिग पीड़ितों को अंतरिम मुआवजा दिलाने का फैसला करते वक्त पॉक्सो कानून के प्रावधानों और केस की परिस्थितियों का भी ख्याल रखना होगा।’ सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को नाल्सा योजना को मंजूरी दी थी और पूरे देश में 2 अक्तूबर तक लागू करने को कहा था।

पीठ ने विशेष अदालतों से यह भी कहा कि यौन उत्पीड़न के नाबालिग पीड़ितों के लिए मुआवजे का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। नाल्सो योजना की प्रतियां सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल तक पहुंचाई जाएं ताकि इन्हें निचली अदालतों और जिला या प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरणों तक पहुंचाया जा सके। इससे पहले शीर्ष अदालत ने तेजाब हमला मुआवजा योजना में पुरुष पीड़ितों को भी शामिल करने की मांग वाली याचिका स्वीकार कर ली थी। याचिका में कहा गया था कि पीड़ित पुरुषों को इलाज का खर्चा और मुआवजा कुछ भी नहीं मिलता है।

नाल्सा योजना में मुआवजा राशि 
इसके तहत बलात्कार पीड़ित को कम से कम 4 लाख और तेजाब हमला पीड़ित को 7 लाख मुआवजा देने की बात है। वहीं, गैंगरेप के शिकार पीड़ित को न्यूनतम 5 लाख रुपये और अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न के पीड़ितों को 4 से 7 लाख रुपये तक मुआवजा, तेजाब हमले से चेहरा बिगड़ने की स्थिति में 7 लाख से लेकर अधिकतम 8 लाख रुपये दिलाने का प्रावधान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *