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लोकसभा चुनाव में चौकीदार के बाद अब हो रही धर्म को लेकर राजनीति, बजरंगबली का चला मुद्दा

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार कर रहीं बीएसपी सुप्रीमो मायावती शनिवार को समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार धर्मेंद्र यादव के लिए प्रचार करने बदांयू पहुंचीं। जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर जबरदस्त हमला बोला। मायावती ने कहा कि, बजरंगबली दलित हैं इसलिए मैं उनके साथ हूँ। मैं योगीजी की आभारी हूँ कि उन्होंने यह जानकारी दी। इस भीड़ को देखकर लगता है कि इस बार ‘नमो-नमो’ वाले जा रहे हैं और जय भीम वाले आ रहे हैं।

 

योगी आदित्यानाथ के अली-बजरंगबली वाले बयान पर बीएसपी चीफ मायावती का पलटवार, ‘हमारे बजरंगबली भी हैं और अली भी।हमारे लिए दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। अच्छी बात यह है कि हमारे साथ अब अली भी हैं और बजरंगबली भी, जिनके साथ से महागठबंधन जीतने वाला है। न योगीजी को अली का वोट पड़ेगा, न ही हमारी जाति से जुड़े बजरंगबली का! भाजपा की नई चौकीदारी वाली नाटकबाजी भी इन्हें नहीं बचा पाएगी।

 

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि, गलत नीतियों की वजह से कांग्रेस पार्टी को केंद्र व बहुत से राज्यों में सरकार खोनी पड़ी। कांग्रेस अपनी अधूरी नीतियों की वजह से ही कई राज्यों की सत्ता से बाहर हो चुकी है। कांग्रेस की हर महीने छह हज़ार रूपए देने वाली योजना से भी गरीबों का कुछ नहीं हो सकता है। अगर हमें मौक़ा मिलता है तो हम छह हज़ार रूपए की जगह सबको रोज़गार देने का काम करेंगे। कांग्रेस के लम्बे शासनकाल में भी मुस्लिम समाज का कोई विकास नहीं हुआ। ये अपने किस्म-किस्म के वादों से जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।

पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए मायावती ने कहा कि, वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबों, मजदूरों, कर्मचारियों, महिलाओं, दलितों आदि को जो अच्छे दिन दिखाने के असंख्य वादे किये थे उन पर ज़मीनी स्तर पर एक चौथाई काम भी नहीं हुआ है। भाजपा द्वारा जबरदस्ती के प्रचार पर जनता के काफी पैसे बर्बाद किये गए हैं, जिसे जनता के हितों में लगाया जा सकता था।

मायावती ने कहा कि, भाजपा का ख़ास समय पूंजीपतियों व धन्ना सेठों को मालामाल करने और उनकी चौकीदारी करने में लगा है। किसान अभी भी भाजपा से दुखी है। इनके द्वारा छोड़े गए आवारा जानवरों ने किसानों को और भी परेशान किया है। कांग्रेस की तरह भाजपा सरकार में भी दलितों, आदिवासियों व अल्पसंख्यकों का कुछ ख़ास विकास देखने को नहीं मिला। दलितों, आदिवासियों व अल्पसंख्यकों को अत्याचार से बचाने वाले कानून को भाजपा ने कमज़ोर कर दिया गया है, जिस कारण उनका शोषण हो रहा है।

नोटबंदी के मुद्दे पर बीजेपी पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि, केंद्र सरकार ने बिना तैयारी के पूरे देश में नोटबंदी व जीएसटी को लागू किया जिससे बेरोज़गारी बढ़ी है। कांग्रेस के बोफोर्स और भाजपा के राफेल मामले इनकी अधूरी नीतियों के सबूत हैं। भाजपा ने विपक्ष के लोगों को झूठे आरोपों में फँसाकर ईडी व सीबीआई का गलत इस्तेमाल किया है। जनता भाजपा और कांग्रेस को कई बार आजमा चुकी है। अब हमें इन्हें सत्ता पर काबिज़ नहीं होने देना है। भाजपा ने पिछले चुनावों में जो अच्छे दिन के वादे किये थे वे पूर्व की कांग्रेस सरकार की तरह खोखले ही साबित हुए हैं। भाजपा की सबका साथ सबका विकास की बात भी जुमलेबाजी ही बनकर रह गयी है।

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