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चुनावी सभा को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा…

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आज हमको पाकिस्तानी कहा जाता है, अगर हमें पाकिस्तान जाना होता तो हम 1947 में गए होते, मगर हमने भारत को चुना जो सबका भारत था, गांधी का भारत था। 

मगर आज भारत को बदलने की कोशिश हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि मैं उन्हें मानूंगा अगर वह 370 और 35ए को छूने की हिम्मत करें। ऐसा करने से जम्मू कश्मीर और भारत के बीच संबंध खत्म हो जाएंगे।

गांदरबल में मंगलवार को चुनावी सभा को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘अमित शाह और अरुण जेटली ने कहा कि वे अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त कर देंगे। करें, हम यह भी देखेंगे कि वे यह कैसे कर सकते हैं। हो सकता है हमें इससे आजादी मिल जाए। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए फारूक ने कहा, वह अच्छे अभिनेता हैं।

श्रीनगर से प्रत्याशी फारूक ने कहा, आज हमें होशियार रहना है, राज्य को नहीं बल्कि देश को बचाना है। डॉ. फारूक ने कहा, अगर स्थायी रूप से जम्मू कश्मीर में शांति बहाल करनी है तो भारत-पाकिस्तान के बीच माहौल ठीक होना चाहिए। हम हिंदुस्तानी हैं, लेकिन हम पाकिस्तान की समृद्धि की भी कामना करते हैं। पूर्व पीएम वाजपेयी ने भी मीनार-ए-पाकिस्तान में यही कहा था।

मैंने सदर-ए-रियासत और पीएम वाली बात गलत नहीं की : उमर

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने सदर-ए-रियासत और प्रधानमंत्री वाली बात कह कर कोई गलती नहीं की है। ये बातें हमारे संविधान में दर्ज हैं और उसी की शपथ पीएम मोदी भी लेते हैं। 370 को बचाने के लिए किसी का साथ लेना पड़े या देना पड़े, वह सब किया जाएगा।

उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को बारामुला के पट्टन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, मैंने कोई गलत बयान नहीं दिया है। जो हकीकत है वही कहा है। यह सच्चाई है कि जम्मू कश्मीर का हिंदुस्तान में विलय के बाद 1965 तक हमारा अलग प्रधानमंत्री और सदर-ए-रियासत रहा है।

हमने यह बात पहली बार नहीं की है। जब मैं एनडीए में अटल बिहारी वाजपेयी की हुकूमत में मंत्री था तब भी यही बात कहता था। हम 1953 वाली स्थिति की मांग करते आए थे। अगर उस वक्त मेरा कहना सही था तो आज गलत कैसे हो गया, आज भी हम वही मांग कर रहे हैं। जिन शर्तों पर विलय हुआ था उन्हें बहाल करना चाहते हैं।

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