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18 अक्टूवर को मिलेगा फोर लेन बरेली टू बागेश्वर स्टेट हाइवे का तोहफा ।

लखनऊ:(स्टार एक्सप्रेस)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 18 अक्टूबर, 2015 को बरेली-बागेश्वर स्टेट हाइवे-37 के तहत बरेली से बहेड़ी 4-लेन नवनिर्मित मार्ग का लोकार्पण करेंगे। इस मार्ग के बन जाने से आस-पास के क्षेत्रों तथा उत्तराखण्ड जाने वाले यात्रियों के लिए धन और समय की बचत होगी। मार्ग का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण से कराया है। राजमार्ग संख्या-37 बरेली से होते हुए हल्द्वानी, अल्मोड़ा के आगे बागेश्वर तक जाता है, जिसकी शुरूआत का 54 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश में पड़ता है। लगभग ढाई वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में पड़ने वाला 54 किलोमीटर का भाग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त था। बरेली से बहेड़ी (उत्तराखण्ड) सीमा तक आने में लगभग ढाई घंटे का समय लगता था। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग उपयुक्त नहीं था।
राज्य सरकार ने इस मार्ग को प्राथमिकता देते हुए 540.02 करोड़ रुपए की लागत से सार्वजनिक-निजी-सहभागिता के आधार पर इसे निर्धारित समय में तैयार कराया है। 4-लेन विद पेव्ड शोल्डर के चैड़ीकरण एवं घनी आबादी वाले क्षेत्र भोजीपुरा में फ्लाई ओवर बन जाने के कारण बरेली से बहेड़ी की दूरी 45 मिनट से 1 घंटे के अन्दर पूरी हो जायेगी। इसके अलावा इस मार्ग पर 09 लघु सेतुओं, 56 पुलियों, 01 टोल प्लाजा तथा 01 ट्रक ले-बाई का निर्माण किया है। उत्तराखण्ड के कुमायूं क्षेत्र में स्थित नैनीताल,रानीखेत, भीमताल,मुकतेश्वर आदि पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए इस मार्ग का उपयोग किया जाता है। वर्तमान सरकार सड़क एवं सेतु निर्माण को प्राथमिकता दे रही है। बेहतर आवागमन की सुविधा से आर्थिक विकास तेजी से होता है।आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जा रहा है। जिला मुख्यालयांे को चार लेन/दो लेन विद पेव्ड शोल्डर मार्गों से जोड़ा जाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। अब तक 39 जनपद जुड़ चुके हैं। मार्च, 2016 तक 49 जनपद मुख्यालय जुड़ जाएंगे। दिनांक 01 अप्रैल, 2012 से अब तक 219 दीर्घ सेतु, 56 रेल उपरिगामी सेतु तथा 178 लघु सेतुओं का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है। लखनऊ, आगरा, इटावा तथा मथुरा में चिन्ह्ति 80 किलोमीटर साइकिल टैªक के सापेक्ष 25 किलोमीटर साइकिल ट्रैक का कार्य पूर्ण हो चुका है। दिनांक 01 अप्रैल, 2012 से अब तक 10,862 किलोमीटर लम्बाई में चैड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण का कार्य एवं लगभग 45,000 किलोमीटर नवीनीकरण एवं विशेष मरम्मत का कार्य पूरा किया जा चुका है।

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