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राहुल गांधी का मास्टर माइंड प्लान, ऐसे पैदा होंगे 7 करोड़ रोजगार

मोदी सरकार आज अपना आखिरी और अंतरिम बजट पेश करने वाली है। माना जा रहा है कि यह बजट चुनावों को ध्यान में रखकर होगा, लेकिन सरकार के सामने जो सबसे बड़ी समस्या है, वह बेरोजगारी की है। ऐसे में कांग्रेस कांग्रेस ने देश में रोजगार पैदा करने का रोडमैप भी तैयार किया है। राजीव गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ कंटेम्परेरी स्टडीज (आरजीआईसीएस) ने इसके लिए ‘जॉबफुल ग्रोथ- हाउ टु अचीव इट इन 2019-24’ नाम का एक इंटरनल डॉक्युमेंट बनाया है। इसमें 5 साल में 7 करोड़ रोजगार पैदा करने का रोडमैप है, जिसे पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को सौंपा गया है।Image result for राहुल गांधी का मास्टर माइंड प्लान, ऐसे पैदा होंगे 7 करोड़ रोजगार

सूत्रों से मिली जानकारी की मानें तो डॉक्युमेंट के मुताबिक, ‘अगर हम सभी युवाओं को बेरोजगारी से मुक्त करने के लिए पॉलिसी बनाएं तो 2019-24 के बीच 7 करोड़ नौकरियां पैदा करने की जरूरत होगी। यह रोजगार के लिए 3.2 पर्सेंट की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट को रिप्रेंजेंट करता है, जो पिछले 8 साल में अनुमानित तौर पर 0.8 से 1.2 पर्सेंट थी।’ डॉक्युमेंट में अनुमान लगाया है कि अभी 2.94 करोड़ लोग रोजगार ढूंढ रहे हैं। 2019 से 2024 के बीच 4.07 करोड़ नए लोग जॉब मार्केट में आएंगे। ऐसे में कुल 7 करोड़ से ज्यादा नौकरियों की जरूरत होगी।

हालांकि, यह रिसर्च पेपर साफ करता है कि यह महज शुरुआत है। इतने बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने के लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत पड़ेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘लेबर फोर्स के लिए किसी भी अर्थव्यवस्था में हाई एनुअल इंक्रीमेंट के साथ पूर्ण रोजगार पैदा करना सिर्फ एक प्रस्ताव है। इसमें रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों की मदद के साथ व्यापक राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत पड़ेगी।’

12 पेज के दस्तावेज में रोडमैप और रोजगार पैदा करने के लिए एक नया मॉडल भी है, जिसका नाम ‘जॉब यंत्र’ है। इसमें ज्यादा रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों पर फोकस किया है, जो जीडीपी का महज 30 पर्सेंट हैं लेकिन 72 पर्सेंट जॉब देते हैं। इनमें कृषि, प्राकृतिक संसाधनों के साथ पानी की समस्या का हल, जंगल, जमीन, आवास और लोअर-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस मॉडल में माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज के अलावा रिटेल और होलसेल ट्रेड, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म, एजुकेशन, हेल्थ, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, बिजनेस, फाइनेंशियल और पर्सनल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने वाला क्षेत्र बताया गया है।

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