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‘मेक इन इण्डिया’ तभी सफल होगा जब ‘मेक इन यू0पी0’ सफल होगा-मुख्यमंत्री

लखनऊ:(स्टार एक्सप्रेस)
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सूक्ष्म एवं लघु औद्योगिक इकाइयों को सरकारी खरीद में क्रय वरीयता शीघ्र प्रदान की जाएगी तथा रेट काॅन्ट्रैक्ट शीघ्र लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। लखनऊ में हस्तशिल्प उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री हेतु एक्स्पो मार्ट शीघ्र चालू किया जाएगा। प्रदेश में एम0एस0एम0ई0 द्वारा निर्मित उत्पादों के आॅनलाइन प्रदर्शन एवं बिक्री हेतु डायनमिक एम0एस0एम0ई0 पोर्टल की जल्द ही स्थापना की जाएगी। साथ ही,एम0एस0एम0ई0 नीति शीघ्र प्रख्यापित की जाएगी। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना’ जल्द लागू किए जाने की घोषणा भी की है। उन्होंने कहा कि फुटवियर उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए प्लास्टिक फुटवियर पर वैट की वर्तमान दर को 14.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि पाॅलीटेक्निक संस्थाओं में उद्योगों की आवश्यकता के हिसाब से पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा और इसे अगले सत्र (2016-17) से प्रारम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग के हिसाब से प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों (आई0टी0आई0) की प्रशिक्षण क्षमता में विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां होटल ताज में ‘अमर उजाला एम0एस0एम0ई0 काॅन्क्लेव-2015’ को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम अर्थात एम0एस0एम0ई0 ही पूरी अर्थव्यवस्था को ‘टर्न अराउण्ड’ कर सकता है। ‘मेक इन इण्डिया’ तभी सफल हो सकेगा, जब ‘मेक इन यू0पी0’ सफल होगा। इस अभियान को सफल बनाने की जिम्मेदारी केन्द्र एवं राज्य सरकार दोनों की है। ऐसे में, दोनों सरकारों को मिल-जुलकर काम करना होगा तभी हमें सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हमें ऐसे प्रयास करने होंगे, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था बेहतर हो, उद्यमी आगे बढें़ और समाज में खुशहाली आए। अखिलेश यादव ने कहा कि एम0एस0एम0ई0 को बढ़ावा देने के लिए हमें मार्केटिंग और ब्राण्डिंग पर विशेष ध्यान देना होगा। एम0एस0एम0ई0 की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। यह सेक्टर जहां बड़े पैमाने पर रोजगार देता है, वहीं इसका निर्यात में भी उल्लेखनीय योगदान है। प्रदेश के औद्योगिक विकास में एम0एस0एम0ई0 के योगदान से हम सभी वाकिफ हैं। राज्य के हर जिले की अपनी खास अर्थव्यवस्था तो है ही, साथ ही,हर जिले के हस्तशिल्प की अपनी खुसूसियत है।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में इस सेक्टर के यागदान और महत्व को देखते हुए ‘उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्रय नीति’ लागू की गई है। हस्तशिल्प सेक्टर के समग्र विकास के लिए समाजवादी सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश हस्तशिल्प प्रोत्साहन नीति’ भी लागू की है। उन्होंने कहा कि एम0एस0एम0ई0 सेक्टर की सफलता के लिए तथा उसे और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होती है। एम0एस0एम0ई0 सेक्टर को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने राज्य कौशल विकास मिशन की शुरूआत की है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में आर्थिक विकास की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आई है। प्रदेश सरकार राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वल्र्ड क्लास कनेक्टिविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है, जिसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे उल्लेखनीय है। साथ ही, लखनऊ से बलिया एक्सप्रेस-वे, जिसे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की संज्ञा देना उचित होगा, का भी विकास किया जाएगा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के पूर्ण होने के उपरान्त व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इस एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक शहर, लाॅजिस्टिक हब और एग्रीकल्चर मार्केट स्थापित किए जाएंगे। यही नहीं, उद्योगों को और अधिक सहूलियत देने के लिए डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर को जोड़ने वाली सड़कों को 4-लेन किया जा रहा है। जिला मुख्यलयों को जोड़ने वाले मार्गाें के चैड़ीकरण से स्थानीय उद्योगों जैसे भदोही की कारपेट इण्डस्ट्री इत्यादि को काफी लाभ मिलेगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है, जिसके चलते अमूल, जैसी बड़ी डेयरी प्रदेश में अपना संयंत्र स्थापित कर रही है। मदर डेयरी ने अपना संयंत्र चालू भी कर दिया है। आई0के0ई0ए0 जैसी विश्वस्तरीय फर्नीचर कम्पनी उत्तर प्रदेश में आ रही है। राज्य में औद्योगिक विकास की असीमित सम्भावनाएं हैं। साथ ही, यहां एक बहुत बड़ा बाजार भी मौजूद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार केन्द्र के साथ हर तरह के सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केन्द्र द्वारा स्थापित किए जा रहे सैनिक स्कूलों तथा एम्स के लिए जमीन मुहैया कराई है। उन्होंने अपेक्षा की कि राज्य सरकार को भी केन्द्र से पूरा सहयोग मिलेगा। 
काॅन्क्लेव को केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम मंत्री कलराज मिश्र ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि स्पर्धा के युग में सभी को अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उत्तर प्रदेश में लघु उद्योगों को बड़े पैमाने पर अवसर उपलब्ध हैं। वे राज्य सरकार के साथ मिलकर इस बात का प्रयास करेंगे कि प्रदेश के नौजवान ‘जाॅब सीकर’ न बनें बल्कि ‘जाॅब गिवर’ बनें। केन्द्र सरकार उत्तर प्रदेश को उद्योगों के विकास के लिए हर सम्भव सहायता देगी। ‘मेक इन इण्डिया’ के लिए युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत छोटे-छोटे उद्योगों की मदद से मैनुफैक्चरिंग हब बनेगा। 
कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश के लघु उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)भगबत शरण गंगवार ने भी सम्बोधित किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत बुके भेंटकर किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न उद्यमियों को पुरस्कृत भी किया। आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री को एक प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया गया।
इस अवसर पर राजनैनिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चैधरी, मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल, बड़ी संख्या में उद्यमी तथा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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