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कुंभ के दौरान लोगों को डिजिटल डिस्पले के जरिए मिलेगी सारी जानकारी

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्र और राज्य प्राधिकरणों को आदेश दिया है कि प्रयागराज में कुंभ के दौरान न सिर्फ प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन और निस्तारण की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए बल्कि पूर्व आदेश का अनुपालन करते हुए आम लोगों को डिजिटल डिस्पले के जरिए यह भी बताया जाना चाहिए कि गंगा का पानी कहां पीने और कहां-कहां नहाने लायक है।

पीठ ने कहा कि कुंभ के दौरान यह जानकारी लगातार अपडेट भी होनी चाहिए। इसके अलावा पीठ ने प्रदूषण गतिविधि की रोकथाम के लिए कुंभ क्षेत्र में गंगा टास्क फोर्स भी लगाने को कहा है।

जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने ठोस कचरा प्रबंधन अधिनियम, 2016 को लागू करने के लिए बीते वर्ष एक समिति गठित की थी। इस गठित समिति की प्राधिकरणों के साथ एक हालिया बैठक और रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने यह आदेश दिया है।

पीठ ने इस मामले में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी), राष्ट्रीय गंगा स्वच्छता मिशन (एनएमसीजी) को इन आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है।

पीठ ने कहा कि कुंभ के दौरान थर्मोकोल के कपों को जलाए जाने के बजाए उनके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए। ट्रिब्यूनल ने कहा कि कुंभ मेले में सभी जगह रिसाइकल कचरे के लिए सफेद रंग के डिब्बे रखे जाने चाहिए।

यदि सफेद रंग के डिब्बों के बजाए नीले रंग के डिब्बे खरीद लिए गए हैं तो इनका इस्तेमाल होना चाहिए।

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