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कोटा में विद्यार्थियों को तनाव मुक्त वातावरण देने के लिए कलेक्टर ने की मीटिंग

कोटा में छात्रों की आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इस समस्या को हल करने के लिए कोटा के कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल ने हितधारकों के साथ एक मीटिंग की है. यह मीटिंग राज्य गवर्नमेंट द्वारा जारी दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए की गई. ये दिशानिर्देश देशभर से कोटा में पढ़ाई के लिए आने वाले विद्यार्थियों को तनाव मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने से जुड़े हैं.

मीटिंग में शिक्षा, पुलिस  सेहत ऑफिसर भी शामिल हुए. मीटिंग में ट्रेनी आईएएस देवेंद्र कुमार  ट्रेनी आईपीएस अमृता को कोटा में कोचिंग विद्यार्थियों द्वारा की गई आत्महत्याओं के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सोशल ऑडिट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई.

दोनों अधिकारियों को बोला गया है कि तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के मामलों का विश्लेषण किया जाए. इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके. जिला कलेक्टर ने विद्यार्थियों के लिए तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए अधिकारियों से बोला कि वह दिशानिर्देशों को लेकर सक्रिय रहें. साथ ही ये सुनिश्चित करें की यहां आने वाले विद्यार्थियों को किसी भी तरह की समस्या न हो.

इस मीटिंग में होप संस्थान भी शामिल हुआ. जो कोटा में आत्महत्या के मामलों की जांच के लिए कार्य कर रहा है. यह संगठन विद्यार्थियों को परामर्श देने का कार्य भी करता है. मीटिंगमें निर्णय लिया गया कि कोटा नगर निगम, यूआईटी  जिला प्रशासन इस संस्थान का सक्रिय रूप से समर्थन करेंगे.

बीएससी नर्सिंग, बायोलॉजी, सोशियोलॉजी  साइकोलॉजी के विद्यार्थियों को वॉलेंटियर के तौर पर कार्य करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी. ताकि ये भी संस्थान के साथ कार्य कर सकें विद्यार्थियों की परेशानियों का पता लगा सकें. जिला कलेक्टर ने बोला कि उन कोचिंग संस्थानों  हॉस्टल्स के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए जो राज्य गवर्नमेंट के जारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं.

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