अगर आप भी है WhatsApp यूजर्स तो हो जाएं सतर्क, वरना चुटकियों में हो जाएंगे अकाउंट्स खाली

 स्टार एक्सप्रेस 

डेस्क. अगर आप वॉट्सऐप यूज करते हैं, तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि धोखेबाजों ने लोगों का अकाउंट साफ करने का नया तरीका ढूंढ लिया है, जो बेहद खतरनाक है। अगर आपके घर में बच्चे या बुजुर्ग वॉट्सऐप चला रहे हैं और आपस में बेफ्रिक होकर संवेदनशील जानकारियां शेयर कर रहे हैं, तो उन्हें भी तुरंत अलर्ट करें। दरअसल, वॉट्सऐप यूजर्स को बढ़ती पहचान की चोरी के बारे में अलर्ट किया गया है। लोगों को ठगने के लिए धोखेबाज सिम स्वैपिंग का उपयोग कर रहे हैं, जो उनके लिए एक प्रसिद्ध तकनीक है। बता दें कि वर्तमान में वॉट्सऐप के करीब 2 बिलियन (200 करोड़) से ज्यादा यूजर्स हैं।

बस आपके फोन नंबर से हो जाएगा धोखेबाजों का काम – दरअसल, सिम स्वैपिंग के जरिए धोखेबाज एक फोन नंबर को एक नए सिम कार्ड में असाइन कर, उसका क्लोन बना लेते हैं। इसका मतलब है कि वे आपके फोन नंबर का उपयोग करके किसी भी संवेदनशील बैंक डिटेल या पासवर्ड को पकड़ सकते हैं जैसे कि यह आप ही हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि ऐसा करने के लिए धोखेबाजों को सिर्फ आपका फोन नंबर चाहिए। एक्सपर्ट्स ने सभी को चेतावनी दी है कि इस तरह के हथकंडे धड़ल्ले से चल रहे हैं।

 

120% बढ़ी है अकाउंट्स की चोरी – साइबर सुरक्षा फर्म कास्परस्की के अनुसार, पिछले एक साल में, अकाउंट्स की चोरी में लगभग 120% की वृद्धि हुई है, साथ ही वॉट्सऐप जैसे लोकप्रिय ऐप पर फिशिंग और रैंसमवेयर हमलों की संख्या भी बढ़ी है।

धोखेबाज चुटकियों में कर देते हैं काम- एक्सपर्ट दिमित्री बेस्टुज़ेव ने एल पेस को बताया, “पहचान की चोरी और जबरन वसूली जैसे कामों को गति देने के लिए धोखेबाजों को सिर्फ हमारा फोन नंबर चाहिए।” “कई लोग वॉट्सऐप पर बहुत संवेदनशील जानकारियां (जैसे बैंकिग डिटेल) शेयर करते हैं, और बहुत ही कम समय में पीड़ित ने अपने अकाउंट पर कंट्रोल खो देते हैं।” जब हमला होता है, तो यह आमतौर पर पीड़ित की सर्विसेस को कुछ ही मिनटों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर देता है, और धोखेबाजों के लिए अपने काम को अंजाम देने के लिए ये काफी समय है।

 

पासवर्ड चुराने के लिए ये भी कर रहे हैकर्स – सोशल इंजीनियरिंग को भी खतरा है। यह वह जगह है जहां फर्जी कॉल करने के लिए चोर वॉयस बॉट्स का यूज करते हैं, जैसे कि वे उन कंपनियों से हैं जिनका आप उपयोग करते हैं और आपसे पासवर्ड निकलवाने की कोशिश करते हैं।

मान लोग एक्सपर्ट की ये सलाह – बेस्टुज़ेव ने चेतावनी दी कि “सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स के परिवार के सदस्य भी इस अपराध के शिकार हुए हैं।” ऐसे में एक्सपर्ट लोगों को बचने के लिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन सेट करने की सलाह देते हैं।

 

गलती से भी मत करना ये काम- यह भी सलाह दी जाती है कि उपयोगकर्ता हूबहू बड़े समूहों जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटों के लिंक पर क्लिक न करें। लेकिन सबसे बढ़कर, बेस्टुज़ेव का कहना है कि लोगों को मैसेजिंग ऐप के माध्यम से संवेदनशील जानकारी को बिल्कुल भी शेयर नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह बहुत जोखिम भरा है।

 

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