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नितिन गडकरी : पार्टी नेतृत्व पराजय की ले जिम्मेदारी

पिछले दिनों भाजपा के नेताओं को मीडिया से वार्ता में कम बोलने की सलाह देने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बार खुद तीन राज्यों में मिली पार्टी की पराजय पर बेबाकी से राय रखी है भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके नितिन गडकरी ने बोला है कि पार्टी नेतृत्व को पराजय की जिम्मेदारी लेनी चाहिए तीन हिंदी भाषी राज्यों में हाल में भाजपा की पराजयके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को बोला कि नेतृत्व को पराजय  विफलताओं की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए साफगोई के लिये चर्चित भाजपा नेता ने बोला कि सफलता की तरह कोई विफलता की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता

गडकरी ने कहा, ‘सफलता के कई दावेदार होते हैं लेकिन विफलता में कोई साथ नहीं होता सफलता का श्रेय लेने के लिये लोगों में होड़ रहती है लेकिन विफलता को कोई स्वीकार नहीं करना चाहता, सब दूसरे की तरफ उंगली दिखाने लगते हैं ’ वह यहां पुणे जिला शहरी सहकारी बैंक असोसिएशन लिमिटेड द्वारा आयोजित एक प्रोग्राम में बोल रहे थे

‘1971 में इंदिरा की जीत की तरह 2019 में मोदी की अगुवाई में भाजपा की विजय होगी’
नितिन गडकरी ने बुधवार को 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष के प्रस्तावित ‘महागठबंधन’ का परिहास उड़ाते हुए बोला कि यह कमजोरों की एकजुटता है  नरेंद्र मोदी फिर से पीएम बनेंगे गडकरी ने यहां एक प्रोग्राम में बोला कि 1971 में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने सामूहिक विपक्ष का सामना करते हुए भी जीत हासिल की थी

उन्होंने कहा, ‘महागठबंधन उन लोगों का साझेदारी है जो एनीमिक, निर्बल  हारे हुए हैं ये लोग हैं जिन्होंने कभी एक दूसरे को ‘नमस्कार’ नहीं कहा, एक दूसरे को देखकर कभी मुस्कराए नहीं या एक दूसरे के साथ चाय तक नहीं पी ’

बीजेपी नेता ने कहा, ‘श्रेय मोदी  भाजपा को जाता है कि ये पार्टियां अब दोस्त बन गयी हैं ’ गडकरी ने अपने तर्क को मजबूती प्रदान करते हुए बोला कि सपा नेता मुलायम सिंह यादव  बीएसपी अध्यक्ष मायावती चिर प्रतिद्वंद्वी हैं

वरिष्ठ मंत्री ने कहा, ‘जब मैं कॉलेज में था, इंदिरा गांधी के विरूद्ध बड़ा साझेदारी था सोशलिस्ट पार्टी, कांग्रेस पार्टी (ओ)  जन संघ साथ में थे गणित के हिसाब से तो साझेदारी के जीतने के संभावना थे लेकिन इंदिरा गांधी 1971 का चुनाव जीतीं पॉलिटिक्स में दो  दो कभी चार नहीं होते ’ उन्होंने बोला कि राजस्थान  मध्य प्रदेश के चुनावों में भाजपा कांग्रेस पार्टी की वोट हिस्सेदारी के बीच अंतर बहुत कम था उन्होंने कहा, ‘विधानसभा चुनावों के परिणामों पर मत जाइए हम लोकसभा चुनाव दोबारा जीतेंगे हम अच्छा बहुमत हासिल करेंगे  मोदी दोबारा पीएम बनेंगे ’

बीजेपी पर अकसर निशाना साधने वाली सहयोगी शिवसेना को लेकर एक सवाल के जवाब में गडकरी ने बोला कि दोनों पार्टियों के बीच वैसे ही संबंध हैं जैसे उस समय थे जब अटल बिहारी वाजपेयी पीएम थे उन्होंने कहा, ‘मराठी में एक कहावत है ‘तुझे माझे जामेना, तुझ्या वाचुन करामेना’ यानी हम ना तो साथ में आते हैं  ना ही अलग हो सकते महाराष्ट्र के हित में, मराठी भाषी जनता  राष्ट्र के हित में साझेदारी हम दोनों के लिए फायदेमंद है ’

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