यौन बीमारियों से परेशान हैं तो जानकारी के लिये पढ़े पूरी खबर..

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल

डेस्ट. डायबिटीज रोगी पुरुषों में सेक्स की समस्या बढ़ रही है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल ने कुल 9000 सामान्य रोगियों की स्क्रीनिंग की गई तो आठ से नौ फीसदी के आसपास डायबिटीज रोगी निकले हैं। सभी डायबिटीज रोगियों में रैंडम स्क्रीनिंग की तो 30 फीसदी सेक्स की समस्या से ग्रसित मिले हैं।

मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने सेक्स समस्या से पीड़ित पुरुषों के इलाज का खाका तैयार किया है, रिसर्च की प्लानिंग की है। इसके लिए तीन महीने का कोर्स बनाया है। इलाज से फीडबैक भी लिया जाएगा। इलाज मुफ्त होगा और इसके लिए दो दिन बुधवार और शुक्रवार को मेडिसिन ओपीडी में विशेष तरह की ओपीडी में मरीज देखे जाएंगे। इस रिसर्च में 400 ऐसे मरीजों को शामिल किया जाना है जो डायबिटीज पीड़ित हैं और सेक्स की समस्या से ग्रसित हैं। 18 से 60 वर्ष आयु के टाइप वन व टाइप टू दोनों तरह की डायबिटीज के मरीज लिए जाएंगे।

 

शोधकर्ता मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ अग्रवाल का कहना है कि डायबिटीज रोगी पुरुषों में यह कामन समस्या बनती जा रही है। मरीज परेशान रहते हैं अपनी बात कह नहीं पाते हैं। शक्तिवर्धक दवाओं और नीम हकीमों के इलाज से गुर्दे खराब हो रहे हैं। इनकी हिस्ट्री में शक्तिवर्धक दवाओं का रोल रहा है। रिसर्च से यह बात साबित भी है। शोध में सेफ दवाओं की हर तीन महीने पर मुफ्त डोज दी जाएगी।

 

डॉ. सौरभ अग्रवाल का कहना है कि सिर्फ जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ही नहीं बल्कि आगरा और झांसी मेडिकल कॉलेज में भी इस तरह की पहल किए जाने का प्लान तैयार कर रहे हैं ताकि एक बड़े स्तर पर रिसर्च हो सके और जो भी रिजल्ट निकले वह अन्तरराष्ट्रीय मानकों पर सही ठहरे।

 

फैक्ट फाइल
-स्क्रीनिंग में आए आंकड़ों से चौंके डाक्टर, अलग से होगा रजिस्ट्रेशन

-तीन महीने तक चलेगी दवा, इलाज का फीडबैक लेंगे डाक्टर

-ऐसे मरीजों के लिए सप्ताह में दो दिन की विशेष ओपीडी शुरू की

-आगरा और झांसी मेडिकल कालेज को भी रिसर्च में शामिल करेंगे

 

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