अखिलेश यादव का 30 तारीख को खास ऐलान

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। विभिन्न दलों के नेता वोटरों को लुभाने के लिए तरह-तरह की कोशिशों में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उन सब को रिझाने में लगे हैं जो कभी बसपा का वोट बैंक माना जाता था। असल में अखिलेश बहुजन समाज पार्टी के निष्क्रिय होने का फायदा उठाकर उस वोट बैंक में सेंधमारी करना चाहते हैं।अखिलेश ने गुरुवार को सपा और उसके सहयोगी दलों से हर महीने की 30 तारीख को हाथरस की बेटी स्मृति दिवस’मनाने का आह्वान किया। पिछले साल 30 सितंबर को हाथरस में रेप की शिकार युवती को पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। अब समाजवादी पार्टी चाहती है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई उस घटना को लोगों को भूलने न दिया जाए। यहां यह बताना भी जरूरी है कि वह युवती दलितों के गैर-जाटव वाल्मिकी समुदाय से ताल्लुक रखती थी।

वहीं आज यानी 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर अखिलेश अम्बेडकर स्मृति उपवन में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं। यहां उनके साथ पूर्व भाजपा सांसद सावित्रिबाई फुले भी मौजूद रहेंगी। फुले ने साल 2018 में भाजपा छोड़ दी थी। उसके बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वॉइन की थी और फिर कांशीराम बहुजन समाज पार्टी के नाम से अपना दल बना लिया था। दलितों को ही लुभाने के लिए ही अखिलेश ने अंबेडकर जयंती के दिन दलित दीवाली मनाने का ऐलान किया था।

 

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