प्रयागराज गैंगरेप-हत्‍याकांड : आज पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगी प्रियंका

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : प्रयागराज में एक दलित परिवार के चार सदस्‍यों की कुल्‍हाड़ी से काटकर निर्मम हत्‍या पर यूपी की सियासत गर्माने लगी है। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी आज पीड़ित परिवार से मिलने प्रयागराज आ रही हैं। उधर, पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इन पर हत्‍या, रेप और एससी-एसटी एक्‍ट की धाराएं लगाई गई हैं। साथ ही लापरवाही बरतने के आरोप में फाफामऊ के इंस्पेक्टर राम केवट पटेल सहित दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।चारों मृतकों का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। फाफामऊ के मोहनगंज गोहरी गांव में घटना को लेकर मातम पसरा है। मां-बेटी से दुष्कर्म की आशंका पर दोनों की स्लाइड सुरक्षित की गई है। घटना का मूल कारण जमीन का विवाद बताया जा रहा है। दिल दहला देने वाली इस घटना की सूचना मिलने पर आईजी और डीआईजी मौके पर पहुंचे और फाफामऊ इंस्पेक्टर और एक सिपाही को निलंबित कर दिया। गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।

गुरुवार सुबह दलित अधेड़ (50), उसकी पत्नी (47), बेटी (17) और बेटे (13) की घर के भीतर खून से सनी लाश बरामद की गई। सभी के सिर पर प्रहार किया गया था। खून से सनी कुल्हाड़ी भी पुलिस को मिली है। एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना था कि किशोरी के कपड़े अस्तव्यस्त थे, उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। आईजी डॉ. राकेश सिंह और डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने भीड़ के सामने फाफामऊ इंस्पेक्टर रामकेवट पटेल और सिपाही सुशील सिंह के निलंबन का ऐलान किया। इसके बाद ही भीड़ ने लाशों को उठाने दिया।

मोहनगंज गोहरी का मारा गया अधेड़ पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसके अन्य चार भाइयों के मकान कुछ दूरी पर है। अधेड़ के घर के बाहर चाट का ठेला लगाने वाला युवक सुबह पहुंचा तो इस सामूहिक हत्याकांड की जानकारी लोगों को हुई। ठेले वाले के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा खुला था। अंदर से दुर्गंध आ रही थी। गांव वालों का कहना है कि बुधवार को दिनभर किसी ने परिवार के लोगों को नहीं देखा था। ऐसे में माना जा रहा है कि मंगलवार की रात ही वारदात हुई। फोरेंसिक टीम, फिंगर प्रिंट टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीमों ने 17 लोगों को हिरासत में लिया है।

मृतक अधेड़ के भाई की तहरीर पर 11 लोगों के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। नामजद आरोपितों में आकाश सिंह पुत्र अमित सिंह, आकाश की पत्नी बबली सिंह, रवि सिंह, मनीष सिंह पुत्रगण रामगोपाल, अमित सिंह पुत्र अरुण सिंह, अभय, राजा रंचू पुत्रगण राजकुमार, कुलदीप, कान्हा, अशोक पुत्रगण मान सिंह हैं।

घटनास्‍थल पर बरामदे के सामने पुरुष का शव चारपाई पर पड़ा था। बाईं ओर की चारपाई पर महिला का शव था। महिला के कपड़े अस्त-व्यस्त थे। चारपाई के नीचे बेटे का शव जमीन पर पड़ा था। वहीं बरामदे से सटा कमरा है। इस कमरे में बेटी का शव चारपाई पर निर्वस्त्र पड़ा था।

घटना में मारे गए अधेड़ के भाई ने अपनी 16 साल की भतीजी के साथ गैंगरेप की आशंका जताई है। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि जमीन के झगड़े को 5 सितंबर 2019 और 21 सितंबर 2021 को मृतक के परिवार और भाइयों के साथ आरोपियों ने मारपीट की थी। उन्‍हें जान से मारने की धमकी भी दी थी। उस घटना की एफआईआर फाफामऊ थाने में दर्ज है। तब फाफामऊ थाने की पुलिस ने कार्रवाई की बजाए परिवार पर मुकदमे में सुलह के लिए दबाव बनाया था। पुलिस आरोपियों की खुलेआम मदद करती थी।

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