क्या आनंद गिरि को ऑस्ट्रेलिया की जेल से छुड़ाने के लिए नरेंद्र गिरि ने भेजे थे करोड़ों रुपए?

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) की संदिग्ध मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने चार्टशीट दाखिल कर दी है। अब 25 नवंबर को कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है। इस बीच CBI की चार्टशीट से बड़े खुलासे हुए हैं। जिसमें 2019 में सिडनी जेल में बंद शिष्य आनंद गिरि को छुड़ाने के लिए गुरु नरेंद्र गिरि ने मोटी रकम आस्ट्रेलिया भेजी थी। साथ ही राजनीतिक संबंधों की भी मदद ली थी। यह रकम करीब 4 करोड़ रुपये के आसपास थी। इसके बाद गुरु-शिष्य में विवाद हो गया। इस बीच शिष्य ने अपने ही गुरु पर करोड़ों की वसूली का आरोप लगाया था।मई 2019 में आनंद गिरि ऑस्ट्रेलिया गए थे. वहां दो महिलाओं ने उन पर छेड़खानी, अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था। मामले में FIR दर्ज हुई और सिडनी के आक्सडे पार्क से आनंद गिरि को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

आनंद को जेल से बाहर निकालने के लिए गुरु नरेंद्र गिरि ने तमाम बड़े नेताओं से इस मामले में मदद मांगी थी। जिसके बाद आनंद को जमानत मिली थी। विवाद के दौरान आनंद गिरि ने खुलेआम आरोप लगाया था कि गुरु नरेंद्र गिरि ने आस्ट्रेलिया में उन्हें छुड़ाने के नाम पर उनके अनुयायियों से करोड़ों की वसूली की।

CBI ने आनंद गिरि को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने अपने गुरु नरेंद्र गिरि पर बाघंबरी गद्दी मठ की जमीनों को बेचने का आरोप लगाया। आनंद ने बताया था कि शहर के बड़े हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से नरेंद्र गिरि ने गौशाला की जमीन बेचने का सौदा किया था। जिसपर डॉक्टर ने गुरु को डेढ़ करोड़ रुपये दिए थे। हालांकि, सीबीआई की पूछताछ में डॉक्टर ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया।

पढ़ें CBI द्वारा कोर्ट में पेश चार्टशीट के कुछ अंश

  1. महंत नरेंद्र गिरि बाघम्बरी गद्दी मठ में अपने कमरे में फांसी पर लटकते मिले थे, उनके कमरे का दरवाजा बलपूर्वक तोड़ा गया था।
  2. 54 मिनट तक चला था पोस्टमॉर्टम, 5 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम थी शामिल।
  3. CBI ने श्वांसरोधन (सांस को बाहर निकलने से रोके रखना) को महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु का कारण बताया है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार भी श्वांसरोधन एंटी मार्टम हैंगिंग सामने आया।
  4. CBI ने अपनी विवेचना में कहा है आनंद गिरि के मोबाइल में तथ्य मिले हैं, जोकि कोर्ट में अहम साक्ष्य हो सकते हैं।
  5. सुसाइड नोट को लेकर हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से प्रमाणित किया है कि यह सुसाइड नोट नरेंद्र गिरि ने लिखा है।
  6. पुलिस से मिले कुछ नए तथ्य के बारे में भी इस चार्जशीट में जिक्र किया है। जैसे महंत नरेंद्र गिरि बहुत सारे प्रॉपर्टी डीलरों से मुलाकात की थी।
  7. CBI ने अपनी विवेचना में 3 वसीयत का जिक्र किया है। पहली वसीयत बलवीर गिरि के पक्ष में, दूसरी वसीयत आनंद गिरि व तीसरी वसीयत बलवीर गिरि के पक्ष में किए जाने का उल्लेख है।

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