घर पर ही बनाएं स्वादिष्ट आलू डोसा,जानें इसकी रेसिपी

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : डोसा आलू एक स्वादिष्ट दक्षिण भारतीय (South Indian) स्टफिंग रेसिपी है जो क्लासिक तरीके से मुट्ठी भर सामग्री के साथ बनाई जाती है। आप घर पर भी रेस्टोरेंट जैसा मसाला डोसा (Dosa Aloo Recipe) बना सकते हैं। इसके लिए कुछ आलू को पहले उबाल लें, छील कर मैश कर लें, फिर आपको एक तड़का तैयार करना है और आलू में मिलाना है।आप इसे नाश्ते, दोपहर के भोजन या रात के खाने में भी परोस सकते हैं। आप मसाले में कुछ हरी मिर्च या लाल मिर्च पाउडर मिला सकते हैं।

डोसा आलू की सामग्री
उबले, मसले हुए आलू – 2
उड़द दाल – 1 छोटा चम्मच
करी पत्ते – 10
मध्यम कटा हुआ प्याज – 1
भुनी भुनी मूंगफली – 1/4 कप
नारियल का तेल – 2 बड़े चम्मच
सरसों के दाने – 1 छोटा चम्मच
हींग – 1/2 छोटा चम्मच
लाल मिर्च – 1 सूखी
कद्दूकस किया हुआ अदरक – 1 छोटा चम्मच
नमक – स्वादानुसार

ऐसे बनाएं डोसा आलू

स्टेप -1 तड़के को भूनें

एक पैन में तेल गर्म करें। हींग, राई, उड़द दाल, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता डालें. इन्हें दो मिनट के लिए भूनें।

स्टेप – 2 प्याज डालें

अब इसमें बारीक कटा प्याज और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालें। अच्छी तरह मिलाएं और कुछ मिनट तक भूनें, जब तक कि प्याज भूरी न हो जाएं।

स्टेप – 3 आलू डालें

अब पैन में उबले हुए मैश किए हुए आलू डालें. स्वादानुसार नमक डालें और अच्छी तरह मिलाएं। 2-3 टेबल स्पून पानी डालें, पैन को ढक्कन से ढक दें और मसाले को और दो मिनट तक पकाएं।

स्टेप – 4 परोसने के लिए तैयार

भुनी हुई मूंगफली डालें और मिलाएं। आपका डोसा आलू स्टफिंग परोसने के लिए तैयार है। इस मसाले का एक स्कूप अपने सादे डोसे में डालें और आनंद लें।

आलू के पोषक तत्व

ये विटामिन बी 1, बी 3 और बी 6 और पोटैशियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे मिनरल का एक अच्छा स्रोत है, और इसमें फोलेट, पैंटोथेनिक एसिड और राइबोफ्लेविन होता है। आलू में डायट्री एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो उम्र बढ़ने से संबंधित बीमारियों को रोकने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, और डायट्री फाइबर, जो स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है।

इसमें बेहतर ब्लड शुगर नियंत्रण, हृदय रोग के जोखिम को कम करना और इम्युनिटी बढ़ना शामिल है। ये पाचन स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं और उम्र बढ़ने के लक्षणों का मुकाबला कर सकते हैं। आलू में फाइबर, विटामिन, कैलशियम, आयरन की भरपूर मात्रा होती है। आलू के जूस का इस्तेमाल झुर्रियों, ड्राई स्किन, रेडनेस और डॉर्क सर्कल को कम करने के लिए कर सकते हैं।

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