राकेश टिकैत का केंद्र पर हमला, कहा-कानून वापस लिया लेकिन कटाक्ष के साथ

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। राकेश टिकैत ने कहा कि एमएसपी कानून बनेगा तभी आंदोलन खत्म होगा। उन्होंने कहा कि बाकी सभी मुद्दों पर हम कमेटी बनाएंगे।  इस दौरान उन्होंने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली के दाम सबसे ज्यादा हैं।राकेश टिकैत ने कहा, यहां झंडे अलग-अलग हैं, लेकिन सबके मुद्दे एक हैं। हमारी बोली अलग थी, लेकिन मांग एक ही थी। लेकिन दिल्ली की चमकीली कोठियों में बैठने वालों की भाषा अलग थी। क़ानून वापस लिया, लेकिन कटाक्ष के साथ, जैसे कोई झगड़ा करने के बाद गाली देता हुआ भागता है। जैसे यह बोला कि हम कुछ लोगों को समझाने में नाकाम रहे। किसानों-मज़दूरों का भला सकारात्मक नीतियां बनने से होगा।

लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि कातिल को हीरो बनाओगे, हम उसे आगरा की जेल में हीरो बनाएंगे। देश का प्रधानमंत्री जब मीठी बात करता है तो हमें डर लगता है। हम कमजोर प्रधानमंत्री नहीं चाहते हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि हमारे मसले सुलझाओ। एमएसपी पर कानून बन जाएगा तो धरना समाप्त हो जाएगा। उसके बाद अन्य मुद्दों पर कमेटी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि गन्ने का मूल्य यूपी में सबसे कम है और बिजली के भाव सबसे ज़्यादा है।

राकेश टिकैत ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2011 में जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उनके अधीन एक कमेटी बनी थी। हम चाहते हैं कि उसी कमेटी की रिपोर्ट को सामने लाया जाए।  स्वामिनाथन कमेटी की रिपोर्ट को भी लागू नहीं किया। हम मार्केट के रेट भी नहीं मांग रहे हैं।  कभी तीन कुंतल गेहूं में एक तोला सोना आता था, आज भी वैसा ही कर दो हमें और कुछ नहीं चाहिए।

राकेश टिकैत ने कहा, एम्बुलेंस वालों को मानदेय मांगने पर नौकरी से निकाल दिया गया। हमारे मुद्दे बहुत हैं। अभी आपको उलझाएंगे हिंदू-मुसलमान में ये देश को बेचने का काम करेंगे और आपको जिन्ना में उलझाएंगे।

उन्होंने कहा कि बिजली संशोधन बिल में कई आपत्तिजनक बातें हैं। संयुक्त मोर्चा के लोग पूरे देश में मीटिंग करेंगे। पुलिस का भी बुरा हाल है। उनकी तनख़्वाह भी कम है. अजय टेनी (केंद्रीय गृह राज्यमंत्री) ने मिल का उद्घाटन किया, तो गन्ना मिल में नहीं बल्कि डीएम के ऑफ़िस में जाएगा। 7 के बाद तीन दिन लखीमपुर खीरी में रहेंगे. वहां शहीदों के परिवारों से मिलेंगे।

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