फाइनल हो गई गहलोत की नई टीम, जिसके तहत 15 विधायकों को मंत्री पद की दिलाई जाएगी शपथ

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में बहुप्रतीक्षित फेरबदल आज यानी रविवार को होने जा रहा है, जिसके तहत 15 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह रविवार शाम चार बजे होगा, जिसमें 11 विधायकों को कैबिनेट और चार को राज्य मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। गहलोत कैबिनेट में 12 नए चेहरे शामिल हो रहे हैं, वहीं पायलट खेमे के पांच लोगों को जगह मिलने जा रही है। राज्य की कांग्रेस सरकार अगले महीने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे करने जा रही है और मंत्रिमंडल में यह पहला फेरबदल है जिसे पार्टी आलाकमान द्वारा क्षेत्रीय व जातीय संतुलन के साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।शाम में होने वाले शपथ-ग्रहण समारोह के लिए तैयारीयां पूरी हो चुकी हैं और शपथ लेने वाले मंत्रियों की लिस्ट भी फाइनल है। 11 कैबिनेट मंत्री होंगे और 4 राज्य मंत्री होंगे। गहलोत मंत्रिमंडल में इन नए मंत्रियों के आने से अधिकतम 30 मंत्रियों का कोटा पूरा हो जाएगा। मंत्रिमंडल फेरबदल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 विधायकों को संसदीय सचिव व सात को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। तो चलिए जानते हैं कौन-कौन मंत्री शपथ लेने वाले हैं।

कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों की लिस्ट: हेमाराम चौधरी, महेंद्रजीत मालवीय, रामलाल जाट, महेश जोशी, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, ममता भूपेश, भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली, गोविंद राम मेघवाल व शकुंतला रावत।

राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों की लिस्ट: विधायक जाहिदा खान, बृजेंद्र ओला, राजेंद्र गुढ़ा व मुरारीलाल मीणा। यहां बताना जरूरी है कि पायलट खेमे से जो पांच मंत्री शपथ लेंगे, उनमें से तीन कैबिनेट रैंक के होंगे और दो राज्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। ठीक इसी तरह गहलोत खेमे से 2 को राज्यमंत्री बनाया जाएगा।

इनमें ममता भूपेश, भजनलाल जाटव व टीकाराम जूली इस समय राज्यमंत्री हैं। उन्हें पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। इस सूची में हेमाराम चौधरी, मुरारीलाल मीणा व बृजेंद्र ओला सहित पांच विधायकों को पायलट खेमे का माना जाता है। इसके अलावा पिछले साल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावती रुख अपनाए जाने के समय पायलट के साथ साथ पद से हटाए गए विश्वेंद्र सिंह व रमेश मीणा को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। जबकि बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में आए छह विधायकों में से राजेंद्र गुढ़ा को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।

पायलट खेमे के दो सदस्यों की जिस तरह से वापसी हो रही है, उससे लगता है कि पायलट की जिद काम कर गई है। यही वजह है कि आज सचिन पायलट प्रेस वार्ता के समय भी खुश नजर आए और उऩ्होंने कहा कि उनकी बातों को पार्टी ने सुना और जो कमियां थीं, उसे पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस फेरबदल से एक बेहतर संदेश जाएगा और 2023 में फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने का आह्वान किया। राज्य में 2023 के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस पुनर्गठन के जरिए क्षेत्रीय व जातीय संतुलन भी बनाने की कोशिश की गई है। जिन तीन मंत्रियों को राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री बनाया गया है वे अनुसूचित जाति से हैं। नए कैबिनेट मंत्रियों में चार अनुसूचित जाति से, तीन अनुसूचित जनजाति से होंगे। अब गहलोत कैबिनेट में तीन महिलाएं मंत्री हो जाएंगी।

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