लखनऊ मे खराब हवा का कहर, जानिए किन जगहों मे फैला सबसे ज्यादा प्रदूषण

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : राजधानी में सबसे ज्यादा चौक की हवा प्रदूषित है। यहां वायु प्रदूषण के पीएम-2.5 का स्तर सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया है। जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। लोगों के फेफड़े बीमार हो सकते हैं। वहीं शोर में मामले में चारबाग सबसे ऊपर है। यह खुलासा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) की पोस्ट मानसून रिपोर्ट-2021 में हुआ है।आईआईटीआर ने सितंबर और अक्तूबर में वायु व ध्वनि प्रदूषण पर सर्वे कराया। शहर के नौ इलाकों को शामिल किया। जिसमें चार आवासीय, चार व्यसायिक और एक औद्योगिक क्षेत्र को शामिल किया। इसमें दिन और रात के वायु प्रदूषण का आंकलन किया गया। ध्वनि प्रदूषण की गणना की गई।

व्यावसायिक क्षेत्र चौक में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे ऊपर है। इसमें पीएम-10 का स्तर 313.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 2.5 का स्तर 199.4 दर्ज किया गया। आवासीय क्षेत्र में विकासनगर में वायु प्रदूषण सबसे अधिक रहा। यहां पीएम 10 का स्तर 249.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 2.5 का स्तर 132.3 रहा।

चारबाग में सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण रिकार्ड हुआ। यहां रात में 86.7 डेसीबल रहा। वहीं दिन में आलमबाग सबसे शोर वाला इलाका साबित हुआ है। यहां 88.3 डेसीबल दर्ज किया गया। वहीं औद्योगिक क्षेत्र अमौसी में सबसे अधिक शोर दर्ज किया गया है। दिन के समय शोर का स्तर 92.7 डेसीबल रहा है। वहीं रात में 96.7 डेसीबल रहा।

यहां हुआ सर्वे
अलीगंज, विकासनगर, इंदिरानगर, गोमतीनगर, चारबाग, आलमबाग, अमीनाबाद, चौक और अमौसी को सर्वे में शामिल किया गया है।

वायु प्रदूषण कम करने के सुझाव
-ऐसे पौधे रोपे जाएं जिनकी जड़े गहरी हों। जो ऑक्सीजन अधिक दें। जहरीली गैसे को अवसोषित करें।
-कंकरटी डिवाइडर की जगह पेड़ पौधे लाएंगे
-यातायात को सुचारू बनाया जाए
-शहरों में अल्ट्राप्योर लो सल्पर फ्यूल को प्राथमिका दी जाए
-सड़क वाहनों की तुलना में मेट्रो को अधिक लोकप्रिय बनाएं। मेट्रो नेटवर्क को विस्तार दिया जाए
-बेहतर यातायात के लिए सड़क का चौधीकरण और अतिक्रमण पर कार्रवाई करें
-वाहनों की गति 40 से 45 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की जाए
-ईट-भट्टे की पुरानी तकनीक पर लगाम लगाई जाए। उसे नई तकनीक से जोड़ा जाए।
-लघु उद्योगों के कारखानों में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाए जाएं
-कारखानों में चिमनी की ऊंचाई तय की जाए।

 

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