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जानिए राष्‍ट्रपति शासन लगने से राज्‍य में प्रशासनिक स्‍तर पर क्‍या होंगे परिवर्तन

जम्मू व कश्मीर में छह महीने का गवर्नर शासन पूरा होने के बाद बुधवार को मध्यरात्रि से  इस संदर्भ में आइए जानते हैं कि राष्‍ट्रपति शासन लगने से राज्‍य में प्रशासनिक स्‍तर पर क्‍या परिवर्तन होंगे?

1. इससे केंद्रीय कैबिनेट को आतंकवाद से ग्रस्त इस राज्य के बारे में तमाम नीतिगत निर्णय लेने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वहां केन्द्रीय शासन लगाने की एक अधिघोषणा पर हस्ताक्षर कर दिए

2. पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने जम्मू व कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करने वाली राज्य के गवर्नर सत्यपाल मलिक की रिपोर्ट पर सोमवार को निर्णय किया था संविधान के अनुच्छेद 74(1)(आई) के तहत पीएम के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद राष्ट्रपति को मदद करेगी  सलाह देगी

3. राष्ट्रपति शासन की अधिघोषणा के बाद संसद राज्य की विधायिका की शक्तियों का प्रयोग करेगी या उसके प्राधिकार के तहत इसका प्रयोग किया जाएगा

4. जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान है ऐसे मामलों में जम्मू व कश्मीर के संविधान के अनुच्छेद 92 के तहत वहां छह माह का गवर्नर शासन जरूरी है इसके तहत विधायिका की तमाम शक्तियां गवर्नर के पास होती हैं

5. महबूबा मुफ्ती नीत साझेदारी गवर्नमेंट से जून में बीजेपी की समर्थन वापसी के बाद जम्मू-मश्मीर में राजनीतिक संकट बना हुआ है बताते चलें कि कांग्रेस पार्टी  नेशनल कान्फ्रेंस के समर्थन के आधार पर पीडीपी ने जम्मू व कश्मीर में गवर्नमेंट बनाने का दावा पेश किया था जिसके बाद गवर्नर ने 21 नवंबर को 87 सदस्यीय विधानसभा खत्म कर दी थी

तत्कालीन विधानसभा में दो सदस्यों वाली सज्जाद लोन की पीपुल्स कान्फ्रेंस ने भी तब बीजेपी के 25 सदस्यों  अन्य 18 सदस्यों की मदद से गवर्नमेंट बनाने का दावा पेश किया थाबहरहाल गवर्नर ने यह कहते हुए विधानसभा खत्म कर दी कि इससे विधायकों की खरीद- फरोख्त होगी  स्थिर गवर्नमेंट नहीं बन पाएगी अगर राज्य में चुनावों की घोषणा नहीं की गई तो वहां राष्ट्रपति शासन अगले छह महीने तक चलेगा

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