झांसी से बसपा के पूर्व प्रत्याशी सपा में शामिल, अखिलेश यादव ने दिलाई सदस्यता

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : यूपी में एक दूसरे दल के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने की होड़ लगी है। अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष औेर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसपा के कई नेताओं को सपा में शामिल कराया।झांसी सदर विधान सभा सीट से बसपा प्रत्याशी रहे सीताराम कुशवाहा के साथ उनके तमाम साथी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। उनमें प्रमुख हैं चंद्रभान आदिम, मोहम्मद जमील, मुकेश राय, संजीव कुशवाहा, राम प्रकाश साहू, अशोक कुशवाहा, संतोष कुशवाहा, जितेन्द्र कुशवाहा, विजेन्द्र कुशवाहा, ललित कुशवाहा, राम सेवक कुशवाहा आदि है। बसपा मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी सुरेश चंद्र गौतम एडवोकेट बाराबंकी तथा फैजियाब अली खान (फैजी) पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिया पी.जी. कॉलेज, लखनऊ ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार का झूठ अब उसके गले की फांस बन रहा है। प्रदेश भर में खाद की किल्लत है और सरकार कह रही है कि पर्याप्त खाद का स्टॉक है, कोई कमी नहीं है। लेकिन हकीकत में पूरे प्रदेश में किसान परेशान है। कई-कई दिन लाइन में लगने पर भी जब खाद नहीं मिल रही है। नाराज किसानों का आक्रोश फूट रहा है। इससे कानून व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। अखिलेश की तरह से जारी एक बयान में कहा कि प्रदेश में जितनी उर्वरक की जरूरत है उतनी आपूर्ति नहीं हो रही है। साधन सहकारी समितियों पर ताले पड़े हुए हैं। खाद की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। झांसी से ललितपुर तक खाद के लिए सुबह से शाम तक सड़कों पर किसान डटे रहते हैं। फतेहपुर, आगरा, इटावा, जालौन में भी किसान परेशान है। खाद न मिलने से क्षुब्ध किसानों ने आगरा में यमुना में पोइया घाट पर खड़े होकर प्रदर्शन किया। बाराबंकी में भी किसानों ने प्रदर्शन किया। सैफई में महिला किसानों ने विरोध जताया। प्रयागराज में खाद के लिए किसानों ने जाम लगाया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की संवेदनहीनता के चलते ललितपुर में खाद खरीदने के लिए दो दिन से बिना खाए-पिए लाइन में लगे किसान भोगी लाल की मृत्यु हो गई। जो किसान के लिए खाद न दे सके, उस सरकार से क्या उम्मीद की जाए। भाजपा सरकार ने किसान को भगवान भरोसे छोड़ दिया है और खुद अमीरों को और ज्यादा समृद्ध करने में लग गई है। प्रदेश की जनता भाजपा की चालों को समझ रही है और सन् 2022 में समाजवादी सरकार को सत्ता में लाकर ही चैन लेगी।

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