प्रियंका गांधी ने किया बड़ा वादा, कहा-सरकार बनी तो आशा वर्कर्स को देंगे 10 हजार रुपए मानदेय

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों (UP Assembly Election 2022) में महिलाओं को 40% टिकट देने का ऐलान कर चुकीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक और बड़ा ऐलान कर दिया है। प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने इस बार आशा और अनागबाड़ी वर्कर्स के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगर 2022 में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है तो आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। कांग्रेस पार्टी आशा बहनों के मानदेय के हक और उनके सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है और सरकार बनने पर आशा बहनों एवं आंगनबाड़ी कर्मियों को 10,000 रु प्रतिमाह का मानदेय देगी। यूपी सरकार द्वारा आशा बहनों पर किया गया एक-एक वार उनके द्वारा किए गए कार्यों का अपमान है। मेरी आशा बहनों ने कोरोना में व अन्य मौकों पर पूरी लगन से अपनी सेवाएं दीं, मानदेय उनका हक है। उनकी बात सुनना सरकार का कर्तव्य। आशा बहनें सम्मान की हकदार हैं और मैं इस लड़ाई में उनके साथ हूं। शाहजहांपुर में मुख्यमंत्री से मिलने जा रही आशा वर्कर्स को पुलिस ने रोका था और आरोप है कि उनके साथ मारपीट भी की गई थी। कांग्रेस पार्टी आशा बहनों के मानदेय के हक और उनके सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है और सरकार बनने पर आशा बहनों एवं आंगनबाड़ी कर्मियों को 10,000 रु प्रतिमाह का मानदेय देगी।

 

इससे पहले प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर गौशालाओं की दुर्दशा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने ट्वीट किया- मुख्यमंत्री जी आज ब्रज क्षेत्र जा रहे हैं। ब्रज ने पूरी दुनिया को गौ-सेवा की प्रेरणा दी। आशा है कि वे गौशालाओं की दुर्दशा के बारे में कुछ करेंगे। पिछले 5 सालों से उप्र की ज्यादातर गौशालाओं का यही हाल है। गौशालाओं की भारी दुर्दशा के बावजूद, सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

 

इससे पहले प्रियंका गांधी ने ऐलान किया था कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देगी। उसके बाद उन्होंने 12वीं और स्नातक पास लड़कियों के लिए भी बड़े ऐलान किए थे। प्रियंका गांधी ने कहा है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो इंटर पास लड़कियों को स्मार्टफोन और ग्रेजुएट लड़कियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाएगी। प्रियंका आधी आबादी के साथ ही युवा महिला वोटरों को रिझाने में जुटी हैं। इसी क्रम में अब वे आशा वर्कर्स को भी साधने में लगी है। महिलाएं चुनावों  में सायलेंट वोटर मानी जाती हैं और बिहार में नीतीश कुमार ने उन्हें साधकर सत्ता हासिल कर साबित किया है कि वे कितनी अहम वोटबैंक हैं।

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