क्या आईपीएल ने बिगाड़ा टी-20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का खेल? जानें क्या बोले फैन्स

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : विराट कोहली की कप्तानी में पहला वर्ल्ड कप जीतने की आस लगाए करोड़ों फैन्स रविवार को निराश हो गए, जब केन विलियमसन की अगुवाई वाली न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को आसानी से आठ विकेट से पीट दिया। यह इस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की लगातार दूसरी हार है और अब टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने से काफी दूर हो गई है। इस हार से भारतीय क्रिकेट फैन्स खासे नाराज हैं और उन्होंने हार का ठीकरा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सिर फोड़ा है। फैन्स ने तो सोशल मीडिया पर आईपीएल को बैन करने तक की मांग कर डाली। फैंस का मानना है कि टीम इंडिया के खिलाड़ी आईपीएल को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। आइए ऐसे में नजर डालते हैं उन तीन कारणों पर, जिनसे यह साफ पता चलता है कि आईपीएल का असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पड़ता है।टी-20 वर्ल्ड कप 2021 जैसे बड़े और अहम टूर्नामेंट से पहले भारतीय टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों ने यूएई में आयोजित हुए आईपीएल 2021 में भाग लिया और खूब मैच खेले। इसमें 14 लीग मैच और कम से कम दो प्लेऑफ मैच शामिल हैं। कहने को यह टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के खातिर अच्छा मंच था, लेकिन इतने ज्यादा मैच खेलने की वजह से खिलाड़ी उस ताकत और मानसिक मजबूती के साथ प्रमुख टूर्नामेंट में नहीं उतर पाए, जिसकी उम्मीद फैन्स और देश को थी। यही वजह है कि प्रैक्टिस मैचों में शानदार खेल दिखाने के बाद टीम इंडिया सुपर 12 स्टेज में औंधे मुंह गिरी।

टी-20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी आईपीएल में अलग-अलग फ्रेंचाइजियों की तरफ से खेले थे। आईपीएल में भारतीय खिलाड़ियों संग खेलने की वजह से दूसरे देशों के खिलाड़ियों को भारत के प्रमुख खिलाड़ियों के खिलाफ रणनीति बनाने का मौका मिल जाता है और इसका फायदा उनके साथ-साथ उनकी पूरी टीम को भी मिलता है। इसका ताजा उदाहरण हैं ट्रेंट बोल्ट और मिचेल सेंटनर। दोनों ने रविवार को भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा दूसरी वजह यह भी है कि बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को अन्य देशों की क्रिकेट लीग में खेलने का मौका नहीं देता है। इससे उन्हें दूसरी टीम में मौजूद बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ तैयारी करने का मौका नहीं मिलता है।

आईपीएल दुनिया की सबसे मशहूर क्रिकेट लीग है और सबसे महंगी क्रिकेट लीगों में से भी एक है। इस लीग के लिए खिलाड़ियों में चाहत इस कदर देखी जाती है कि वे इसके लिए अपनी नेशनल टीम से खेलने के ऑफर को भी ठुकरा देते हैं। भारत में हर एक युवा क्रिकेटर घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके आईपीएल में एंट्री लेने की सोचता है। वह जानता है कि यहां अच्छा प्रदर्शन करना मतलब नेशनल टीम के दरवाजा खुलना है। लेकिन समय-समय पर यह भी देखा गया है कि जब किसी युवा को अच्छा पैसा और शोहरत मिल जाती है तो उसमें अचानक से जुनून और देश की तरफ से खेलने के जज्बे में कमी आ जाती है। ऐसे में जब ये युवा क्रिकेटर्स देश के लिए खेलते हैं तो इनके प्रदर्शन में गिरावट देखी जाती है।

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