श्रावस्ती सीट पर 445 वोट से हुई थी भाजपा की जीत, इस बार सपा देगी बीजेपी को टक्कर

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : उत्तर प्रदेश का श्रावस्ती जनपद भगवान बुद्ध से जुड़ा हुआ तीर्थस्थान भी है। वहीं प्राचीन काल में यह कौशल देश की दूसरी राजधानी भी रहा है। वहीं पुराणों में इस बात का वर्णन है कि भगवान राम के पुत्र लव ने श्रावस्ती को अपना राजधानी बनाया था। इसी के चलते यहां बहुत धर्मशाला मठ और मंदिर भी है। श्रावस्ती विधानसभा सीट (Shravasti Assembly Seat) ने दलित मतदाताओं के साथ मुसलमान मतदाताओं की संख्या भी अच्छी रही है। वहीं इस सीट का गठन 2008 के परिसीमन के बाद हुआ है। अभी तक इस सीट पर केवल 2 विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं।राजनीतिक इतिहास

इस सीट पर पहली बार 2012 में विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुए। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी के मोहम्मद रमजान को 67551 वोट मिले तो वहीं बीएसपी की विनोद त्रिपाठी दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें 56346 वोट मिले। बीजेपी के उम्मीदवार राम फेरन पांडे तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 36039 वोट मिले. जबकि कांग्रेस की रीता वर्मा चौथे स्थान पर थीं। इस सीट को सपा प्रत्याशी ने 11205 मतों से जीत दर्ज की।

वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपने वर्तमान विधायक मोहम्मद रिजवान को मैदान में उतारा तो ही भाजपा ने राम फेरान को अपना प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने सपा के मोहम्मद रिजवान को 445 मतों के मामूली अंतर से हराकर जीत दर्ज की। इस चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी राम फेरन को 79437 मत मिले जबकि सपा के मोहम्मद रिजवान को 78992 मत मिले। सपा ने इस सीट पर जीत के लिए कड़ा संघर्ष किया. वहीं 2022 के चुनाव में भाजपा के लिए इस जीत को बनाये रखना आसान नहीं होगा।

जातीय समीकरण

श्रावस्ती विधानसभा सीट (Shravasti Assembly Seat) में दलित मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है। वही मुस्लिम मतदाताओं की संख्या दूसरे नंबर पर हैं। इस सीट पर पिछड़ा वर्ग के मतदाता की संख्या तीसरे नंबर पर है। जिसके चलते इस सीट पर सपा और बसपा का जाति समीकरण मजबूत है।

कुल मतदाता – 336973

पुरुष मतदाता – 185023

महिला मतदाता – 151950

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