मंहगाई की मार तो क्या फीका पड़ेगा दीपावली का त्यौहार…

स्टार एक्सप्रेस

इस पर्व के माह के मध्य यानी 13 नवम्बर के होने से सरकारी कर्मियों के वेतन मिलने के बावजूद बाजार में रौकनकता देखने को नहीं मिल रही है। इतना ही नहीं घर व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के रंग-रोगन को लेकर भी खास उत्साह नजर नहीं आ रहा है।

ये दिवाली महंगाई की मार वाली दिखाई देती है। जिस तरह से दिनों-दिन हर चीज महंगी हो रही है। उससे व्यापारी से लेकर आम जनता सभी परेशान हैं। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके पेट्रोल और डीजल के दाम हर दिन बढ़ रहे हैं। जिसका असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है, सामान के आसमान छूती कीमतों ने व्यापारियों से लेकर आम जनता तक का त्योहार फीका कर दिया है।

पेट्रोल-डीजल के दाम ने बना दिया रिकॉर्ड
पेट्रोल और डीजल के दाम ने तो मानो रिकॉर्ड ही बना दिया है, शहडोल जिले में नॉर्मल पेट्रोल जहां 118.65 रुपये प्रति लीटर वहीं प्रीमियम लगभग 119 रुपये पर पहुंच चुका है। डीजल के दाम भी ₹108 प्रति लीटर के लगभग हैं। जिस तरह से दिनों-दिन तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है, उससे तो यही लग रहा है कि यह अभी रुकने वाला नहीं है। आगे भी कीमतों के नये रिकॉर्ड बनेंगे।

चरम पर महंगाई
पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों का असर हर चीज पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टिंग महंगी हो चुकी है, नतीजा ये है कि हर सामान के दाम में बढ़ोतरी हो रही है। हालात ऐसे हैं कि किराना से लेकर जनरल स्टोर, मिठाई दुकान से लेकर फूल तक हर सेक्टर में महंगाई चरम पर है। इस महंगाई से आम जनता के साथ-साथ व्यापारी वर्ग भी परेशान है। दिवाली में कुछ दिन ही रह गये हैं, यूं तो दीपावली पर व्यापार अच्छा होता है। लेकिन जिस तरह से मार्केट में महंगाई है उसने व्यापारियों को मायूस कर दिया है, अब तो व्यापारी भी कह रहे हैं कि पिछले 2 साल में कोरोना ने बेहाल किया और अब महंगाई धंधे को चौपट कर रही है।

पेंट वालों का व्यापार फीका
दिवाली पर घर के रंग-रोगन का काम बहुत है। पेंट की दुकानों पर ग्राहकों की लंबी लाइनें लगी रहती है लेकिन इस दीवाली पेंट व्यापारियों का बिजनेस फीका है। कई सालों से इस व्यवसाय से जुड़े बिजनेसमैन विलोक जैन कहते हैं कि महंगाई का असर रंग,पेंट ऑइल पर भी पड़ा है। दीपावली में देखा जाए तो हर घर में सफाई और कलर का काम चलता है। इस बार रंग, ऑयल पेंट की कीमतों में 8-10 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है। महंगे पेंट से लोग परहेज कर रहे हैं। बिक्री काफी घट गयी है, ग्राहक भी सिर्फ काम ही चला रहे हैं। कपड़ा मार्केट में भी सन्नाटात्योहार के समय पर असली डिमांड तो कपड़ों की ही रहती है, खासकर दीपावली पर। लेकिन कपड़ा व्यापारी ओमप्रकाश गुप्ता कहते हैं कि इस बार कपड़ों का बाजार डाउन है। इस तरह के त्योहार में दुकानों में पहले ग्राहकों की लाइन लगा करती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है क्योंकि कपड़ों के दाम भी बढ़ चुके हैं और उसका असर डिमांड पर भी पड़ रहा है। कपड़ों की कीमतों में बीस-तीस परसेंट के करीब बढ़ोत्तरी हुई है। एक ओर तेल के दाम बढ़ने से लोडिंग चार्ज ज्यादा लग रहा है, भाड़ा बढ़ गया है। वहीं महंगाई के कारण मजदूरी ज्यादा लग रही है और उसमें भी बिक्री कम हो रही है। दुकानदारों के लिए तो बड़ी समस्या ये है कि ज्यादा माल नहीं ला पा रहे हैं।

बर्तन के दाम में भी इजाफा
युवा बर्तन व्यापारी आशीष सराफ ने बताया कि महंगाई का असर बर्तन बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। पिछले साल की दीपावली की तुलना में स्टील के बर्तन पर 20 से 25 परसेंट तक रेट में इजाफा हुआ है। सामान इतना महंगा हो जाने से व्यापार में दिक्कत आ रही है, ग्राहकों की संख्या घट गयी है। अनुमान है कि इस दीपावली बाजार फीका ही रहने वाला है।

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