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आर्थिक तंगी व कर्ज के जाल में फंसे पाकिस्तान को अमेरिका रियायत देने के मूड में नहीं

सांसद ने कहा कि चीन ने कई देशों को कर्ज के जाल में उलझाया हुआ है। पाकिस्तान गंभीर भुगतान संतुलन संकट से निपटने के लिए आईएमएफ से आठ अरब डालर का कर्ज चाहता है। कर्ज के बोझ की वजह से देश की अर्थव्यवस्था संकट की स्थिति में आ गई है। डेमोक्रेटिक सांसद ब्रैड शेरमन ने कहा कि अमेरिका को आईएमएफ में वीटो अधिकार है। शेरमन के मुताबिक, ‘उन्होंने पिछले सप्ताह आईएमएफ के कर्ज का मुद्दा ट्रंप प्रशासन के साथ उठाया था।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे और कर्ज के जाल में फंसे पाकिस्तान को अमेरिका किसी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है। अमेरिका के एक सांसद ने कहा कि नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को चीन का कर्ज चुकाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से ऋण ‘सुविधाजनक तरीका’ नहीं है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ से पाकिस्तान को ऋण नहीं मिलना चाहिए।

ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को मदद में जो कटौती की है और उसके तत्काल बहाल होने की उम्मीद नहीं है।’ पिछले सप्ताह संसद की एक सुनवाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय मामलों के कोष के उप मंत्री डेविड ने अमेरिकी सांसदों को बताया था, ‘हम आईएमएफ के साथ काम कर रहे हैं और हमने उसे स्पष्ट कर दिया है कि यदि वह पाकिस्तान को कोई मदद देता भी है तो यह सुनिश्चित करे कि इसका उपयोग चीन के लोन चुकाने के लिए नहीं होगा।’

गौरतलब है कि आतंकी समूहों पर लगाम लगाने में विफल रहने पर अमेरिका ने इस साल पाकिस्तान को सुरक्षा मद में दी जाने वाली तीन अरब डालर की सालान सहायता राशि रोक दी है। अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन की तलाश में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की मदद करने वाले डॉक्टर शकील आफरीदी को जेल में डालने का मामला भी अमेरिका और पाकिस्तान के बीच विवाद का कारण बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान डॉक्टर शकील को रिहा करे और इसको लेकर वह लगातार दबाव बना रहा है।

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