प्रदूषण से भी बना रहता है हृदय गति रुकने का खतरा, जानिये क्या है पूरी जानकारी

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : हाल ही में एक अध्ययन से पता चला है कि अगर आप सालों से वायु प्रदूषण और यातायात के शोर के बीच रहते हैं तो हृदय गति रुकने का खतरा बढ़ सकता है। अगर आप धूम्रपान करते हैं और रक्तचाप के शिकार हों तो ये जोखिम और भी गंभीर हो जाता है। इस अध्ययन के निष्कर्ष जर्नल आफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित हुए हैं।

डेनमार्क की यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रोफेसर और शोधकर्ता योन ही लिम का कहना है कि अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर लोगों में हृदय गति रुकने के जोखिम को कम करने के लिए बताए गए फैक्टर्स (कारकों) को लेकर रणनीति बनाई जानी चाहिए, ताकि उनका असर कम किया जा सके।

 

इस अध्ययन में डेनमार्क की 22 हजार से अधिक नर्सों का डेटा इकट्ठा किया। नर्सों से प्रश्नावली भरवाई गई, जिसमें उनके बॉडी मास इंडेक्स, लाइफस्टाइल, स्मोकिंग, शराब पीने, फिजिकल एक्टिविट, खानपान, पहले की हेल्थ और कामकाज की स्थिति के बारे में सवाल किए गए थे।

 

निष्कर्ष में पाया गया कि तीन साल तक फाइन पार्टिकुलेट मैटर में 5.1 यूजी प्रति घन मीटर की वृद्धि से हृदय गति रुकने की घटना में 17 फीसदी वृद्धि हुई। जबकि नाइट्रोजन डाइआक्साइड में 8.6 यूजी प्रति घन मीटर की वृद्धि से हृदय गति रुकने की घटना 10 फीसदी बढ़ी।

 

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