अमित शाह के आवास के पास किया प्रदर्शन, अजय मिश्रा के इस्तीफे की कर रहें मांग

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : कांग्रेस (Congress) की युवा इकाई ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह के आवास (Amit Shah Residence) के निकट प्रदर्शन किया। भारतीय युवा कांग्रेस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, संगठन के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी (Srinivas Biwi) की अगुवाई में युवा कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन (Protest) किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इस अवसर पर श्रीनिवास ने दावा किया, ‘‘देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि एक तरफ गृह राज्य मंत्री के बेटे की गाड़ी जानबूझकर किसानों को रौंदती हुई निकल जाती है और देश की सत्तारूढ़ पार्टी उन किसानों के साथ नहीं बल्कि उनके खिलाफ खड़ी हुई नज़र आती है।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘आज हम मांग कर रहे है कि गृह राज्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाये और मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को तुरंत गिरफ्तार किया गए। लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में गत रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध करने के दौरान हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

 

आरोपी की गिरफ्तारी तक अनशन का ऐलान किया था – वहीं, कुछ देर पहले खबर सामने आई थी कि लखीमपुर खीरी हिंसा में आरोपी आशीष मिश्रा आखिरकार शनिवार को पुलिस के सामने पेश हुआ. बताया गया था कि वह सुबह 11 बजे क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंचेगा, लेकिन इससे 15 मिनट पहले ही वह पहुंच गया। आशीष मिश्रा बीजेपी के सदर विधायक योगेश वर्मा के साथ स्कूटी से पुलिसलाइन पहुंचा. इधर, लखीमपुर में हुई हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के घर निघासन पहुंचे पंजाब कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना अनशन तोड़ दिया है. पत्रकार रमन कश्यप की बहन ने सिद्धू को दूध पिलाकर उनका व्रत तुड़वाया। सिद्धू ने आरोपी की गिरफ्तारी तक अनशन का ऐलान किया था।

 

गिरफ्तारी से पहले पर्याप्त साक्ष्य भी होने चाहिए – आपको बता दें कि लखीमपुर हिंसा के आरोपी आशीष मिश्रा की पेशी के लिए क्राइम ब्रांच के दफ्तर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। किसी भी तरह की अशांति की आशंका से बचने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई थी। इससे पहले शुक्रवार को लखीमपुर खीरी हिंसा पर सीएम योगी ने कहा कि ये घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार इसकी तह तक जा रही है। लोकतंत्र में हिंसा की जगह नहीं है। चाहे वह कोई भी हो कानून सबके लिए समान है, कानून सबके साथ समान रूप से व्यवहार भी करेगा। लेकिन हाईकोर्ट की ये रूलिंग भी है कि गिरफ्तारी से पहले पर्याप्त साक्ष्य भी होने चाहिए।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button