रिटायर्ड नहीं SC या HC के सिटिंग जज करें जांच : प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी सिटिंग जज से कराने की मांग की। साथ ही कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा, जिनके बेटे पर मामला दर्ज किया गया है, उन्हें निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

प्रियंका ने बुधवार को हिंसा में मारे गए आठ लोगों में से तीन के परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, मेरे और पीड़ित परिवारों के विचार से भी मामले की जांच रिटायर्ड जज के बजाय सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी मौजूदा जज द्वारा की जानी चाहिए।

उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को एक किसान विरोध प्रदर्शन रैली के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया है। रविवार को हुई घटना में आठ लोगों की मौत हो गई थी।

बहराइच रवाना होने से पहले, प्रियंका गांधी ने कहा, मैं जांच पर टिप्पणी नहीं करना चाहती क्योंकि यह अभी तक शुरू नहीं हुई है। लेकिन मैं यह कहना चाहती हूं कि निष्पक्ष जांच के लिए, मंत्री को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उनके पास गृह विभाग है और यह सब उसके अंतर्गत आता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पीड़ितों के परिवारों ने उनसे कहा कि उन्हें सरकार द्वारा घोषित मुआवजे में कोई दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वे न्याय चाहते हैं। मंत्री को बर्खास्त और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें रोकने के लिए पूरे पुलिस बल तैनात कर दिया गया और उसने पीड़ितों के परिवारों को घेर लिया ताकि कोई उनसे मिलने वहां न पहुंच सके। लेकिन आपने (सरकार) अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बल नहीं लगाया। घटना वाले दिन पुलिस कहां थी। क्या पुलिस सिर्फ नेताओं को रोकने के लिए है?’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मृतकों के परिवारों को दी गई पोस्टमॉर्टम की प्रतियां पढ़ने लायक नहीं थीं। उन्होंने कहा, मैं अपनी लड़ाई तब तक जारी रखूंगी जब तक मंत्री को बर्खास्त नहीं कर दिया जाता और उनके बेटे को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता। मैंने पीड़ित परिवारों के सामने यह प्रतिज्ञा की है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मृतकों में चार किसान थे, जिन्हें कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे वाहनों द्वारा कुचल दिया गया था। सभी क्षेत्र के एक कार्यक्रम में पहुंचने वाले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का स्वागत करने के लिए जा रहे थे।

बाकी के चार मृतकों में दो बीजेपी कार्यकर्ता, एक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के ड्राइवर और एक निजी टीवी चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकार रमन कश्यप थे। जहां पहले तीन को आंदोलनरत किसानों ने पीट-पीटकर मार डाला था, वहीं पत्रकार की मौत वाहन से टकराने की वजह से हुई थी।

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