नदी के किनारे बैठी महिला को मगरमच्छ ने दबोचा, जाल लेकर कूदे ग्रामीण

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : चकिया कोतवाली क्षेत्र के भीषमपुर गांव के कुसुम्हर पहाड़ी के पास सब्जी की खेती की निगरानी कर रही 48 वर्षीय पार्वती सोनकर पर सुबह छह बजे मगरमच्छ ने हमला कर दिया। वही महिला को नदी में लेकर चला गया। ग्रामीणों के काफी प्रयास पर मगरमच्छ जाल में फंसा और महिला को छोड़कर भाग निकला। लेकिन तबतक महिला की मौत हो चुकी थी। वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने महिला के शव को सहदुल्लापुर तिराहे पर रखकर चक्काजाम किया और मुआवजे की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे तहसीलदार और कोतवाल के समझाने और मुआवजा के आश्वासन के बाद किसी तरह ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया।

भीषमपुर गांव निवासी जग्गू सोनकर और उनका पूरा परिवार गांव से तीन किमी की दूरी पर कुसुम्भर पहाड़ी के पास चंद्रप्रभा नदी के किनारे सब्जी की खेती करता है। जहां वह अस्थाई झोपड़ी बनाकर रहते हैं। बुधवार की सुबह छह बजे जग्गू की पत्नी पार्वती झोपड़ी से निकलकर अपनी विवाहिता पुत्री चिरौजी सोनकर और चंदा सोनकर के साथ सब्जी की खेती की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान नदी से निकले मगरमच्छ ने उस पर हमला बोल दिया। बेटियों के सामने ही पार्वती को जबड़े में फंसाकर मगरमच्छ पानी में चला गया। जहां 2 घंटे तक वाह महिला को जबड़े में फंसा कर पानी में इधर-उधर घूमता रहा। मगरमच्छ के हमले की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

आक्रोशित ग्रामीण मगरमच्छ को पकड़ने के लिए जाल लेकर नदी में कूद पड़े|। घंटों प्रयास के बाद मगरमच्छ जाल में फंस गया, लेकिन पार्वती के शव को जाल में छोड़कर जाल तोड़कर पानी में भाग गया। सूचना के बावजूद समय से वन विभाग और पुलिस के नहीं पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने महिला के शव को चारपाई पर रखकर जुलूस की शक्ल में चकिया नगर के सहदुल्लापुर तिराहे पर पहुंचकर मुआवजे की मांग करते हुए चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम कर रहे ग्रामीणों से शव को कब्जे में लेने के लिए पुलिस की छीना झपटी भी हुई लेकिन सफलता नहीं मिली। मौके पर पहुंचे तहसीलदार विकास धर दुबे,कोतवाल राजेश यादव,जिला पंचायत प्रतिनिधि डॉ प्रदीप मौर्य ने घंटों प्रयास के बाद 4 लाख रुपये तहसील प्रशासन द्वारा आपदा राहत कोष और 1 लाख रुपए वन विभाग के अनुग्रह आर्थिक सहायता दिलाने के आश्वासन पर चक्का जाम समाप्त कराया। कोतवाल राजेश यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

वन विभाग द्वारा कतर्निया घाट से मगरमच्छों को पकड़ने वाली टीम को बुलाकर कादिलगंज के पास चंद्रप्रभा नदी में बड़े-बड़े शिकारी पिजड़े लगवाए गए थे, लगातार 2 सप्ताह तक चले अभियान के बावजूद एक भी मगरमच्छ पिजड़े में नहीं फंसा, जिससे विवश होकर टीम बैरंग वापस लौट गई थी।

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