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कोई भी देश तभी प्रगति कर सकता है और खुशहाल बन सकता है, जब उसकी सीमाएं सुरक्षित हों: मुख्यमंत्री उ0प्र0

लखनऊ: 3 सितम्बर, 2015
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि कोई भी देश तभी प्रगति कर सकता है और खुशहाल बन सकता है, जब उसकी सीमाएं सुरक्षित हों। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा सैनिक करते हैं, जो कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसे में यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनका मनोबल ऊंचा रखें और यह तभी हो सकता है, जब उन्हें एहसास हो कि पूरा देश उनके साथ है। देश के साथ-साथ राज्यों की सरकारों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे सैनिकों और उनके आश्रितों को हर सम्भव सुविधा उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री आज यहां ला मार्टिनियर काॅलेज, लखनऊ में सेना के नायकों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम इस शिक्षण संस्थान में पढ़े उन छात्रों के सम्मान में आयोजित किया गया था, जिन्होंने स्वतंत्रता के उपरान्त देश की सुरक्षा के लिए लड़े गए विभिन्न संग्रामों में अपनी वीरता के झण्डे गाड़ दिए। जिन नायकों के सम्मान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया वे हैं – वीर चक्र विजेता विंग कमाण्डर स्व0 डेस्मण्ड एरिक पुशांग (भारत-पाक युद्ध 1948), वीर चक्र विजेता विंग कमाण्डर स्व0 ट्रेवर कीलर (भारत-पाक युद्ध 1965), वीर चक्र तथा कीर्ति चक्र विजेता उनके भाई एयर मार्शल डेन्जि़ल कीलर (भारत-पाक युद्ध 1965 (वीर चक्र) तथा वर्ष 1978 में तकनीकी खराबी से ग्रस्त मिग-21 एफ0एल0 को सुरक्षित उतारने के लिए कीर्ति चक्र), वीर चक्र विजेता फ्लाइट लेफ्टिनेन्ट अल्फ्रेड टायरान कुक (भारत-पाक युद्ध 1965), वीर चक्र विजेता एयर वाइस मार्शल हरबंस परमिन्दर सिंह (भारत-पाक युद्ध 1971) तथा महावीर चक्र विजेता कमोडोर अरविन्द सिंह (आई0पी0के0एफ0, श्रीलंका 1987)।

कोई भी देश तभी प्रगति कर सकता है और खुशहाल बन सकता है, जब उसकी सीमाएं सुरक्षित हों: अखिलेश यादव

 

 

सीमाओं की सुरक्षा सैनिक करते हैं, जो कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं: अखिलेश यादव
इस अवसर पर श्री यादव ने कहा कि भारतीय सेना के बहादुरों के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर उन्हें गौरव का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि ला मार्टिनियर काॅलेज तथा प्रदेश के लिए यह गौरव की बात है कि यहां के छात्र, सेना में उच्च पदों तक पहुंचे और अपनी बहादुरी से देश और प्रदेश का नाम रौशन किया। उन्होंने काॅलेज के प्रिन्सिपल श्री मैकफारलैण्ड की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के लिए इन नायकों को यहां आमंत्रित करके इस आयोजन को करना एक बड़ा काम है। उन्होंने कहा कि श्री मैकफारलैण्ड काॅलेज को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं और उनके मार्गदर्शन में यह शिक्षण संस्थान और प्रगति करेगा।
लामार्टिनियर के प्रिन्सिपल श्री मैकफारलैण्ड द्वारा इन नायकों के विषय में सम्पूर्ण जानकारी देता हुआ एक डिस्प्ले बोर्ड लखनऊ रेलवे स्टेशन पर स्थापित करने के लिए रेल मंत्रालय से अनुरोध करने के विषय पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस सम्बन्ध में उनसे बात की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ला मार्टिनियर काॅलेज एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है, जिस पर लखनऊ ही नहीं प्रदेश और देश को भी गर्व है। इस संस्था में छात्रों को उत्तम शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी सिखाए जाते हैं, ताकि वे बाहरी दुनिया में उन आदर्शाें पर कायम रह सकें। यह संस्थान अपने अनुशासन के लिए भी जाना जाता है, जहां शिक्षक पूरी क्षमता से छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने का प्रयास करते हैं। यही नहीं, ला मार्टिनियर काॅलेज का भवन एक भव्य हेरिटेज इमारत है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से भी लोग आते हैं। इसकी बिल्डिंग इतनी आकर्षक और विशाल है कि यहां पर तमाम फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है। यहां के छात्रों में देश की सुरक्षा का एक विशेष जज़्बा है।
इस अवसर पर सेना के तीन बैण्डों, डोगरा रेडिमेन्ट, नं0 5 एयरफोर्स बैण्ड तथा कम्बाइन्ड मिलिट्री बैण्ड्स ने अपनी-अपनी धुनें प्रस्तुत कीं। साथ ही, वियना यूनिवर्सिटी आॅरकेस्ट्रा के डाइरेक्टर श्री विजय उपाध्याय ने कन्सर्ट आॅफ स्ट्रिंग्स प्रस्तुत किया। श्री उपाध्याय वर्ष 1977 से 1983 तक ला मार्टिनियर काॅलेज के छात्र रहे हैं।
इस अवसर पर राजनैतिक पेंशन मंत्री श्री राजेन्द्र चैधरी, सांसद श्रीमती डिम्पल यादव, सेना के वरिष्ठ अधिकारीगण, काॅलेज के अध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में काॅलेज के छात्रगण एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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