यूरोप में तेल, गैस के कीमतों में बड़ी उछाल

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल : तेल और गैस की कीमतों में तेजी से यूरो का इस्तेमाल करने वाले यूरोप के 19 देशों में वार्षिक मुद्रास्फीति सितंबर में पिछले एक दशक से अधिक समय में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी है। अर्थशास्त्रियों और केंद्रीय बैंक के अधिकारियों का कहना है कि मुद्रास्फीति में उछाल अस्थायी है लेकिन तेल और गैस की ऊंची कीमतों के कारण सरकारें अब भी घरों के बिजली, गैस आदि बिल पर इसके बढ़ते बोझ को कम करने लिए जूझ रही हैं।

यूरोपीय संघ की सांख्यिकी एजेंसी यूरोस्टेट ने शुक्रवार को कहा कि मुद्रास्फीति अगस्त के तीन प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 3.4 प्रतिशत हो गयी और 2008 के बाद से यह सबसे अधिक है। तेल और गैस की कीमतों में 17.4 प्रतिशत की भारी वृद्धि से लगभग हर स्तर पर महंगाई दर बढ़ी है।

अर्थशास्त्रियों और यूरोपीय सेंट्रल बैंक का कहना है कि मुद्रास्फीति का हालिया उछाल अस्थायी है और अगले साल कम हो जाएगा। लेकिन इससे प्राकृतिक गैस के बेहद तंग बाजार के कारण सर्दियों में कीमतों में बढ़ोतरी और गैस की कमी की आशंका दूर नहीं हुई है।

यूरोप में शुक्रवार को प्राकृतिक गैस 94.46 यूरो (109.36 डॉलर) प्रति मेगावाट घंटे पर कारोबार रहा था, जो इस साल की शुरुआत की कीमतों की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है। इसके कारण एशिया में मजबूत मांग, रूस से कम आपूर्ति आदि हैं। प्राकृतिक गैस और बिजली की ऊंची कीमतों से यूरोपीय देशों की सरकारों में चिंता है जो सब्सिडी और कर कटौती के माध्यम से घरों के बिजली और अन्य संबंधित बिलों में वृद्धि को सीमित करने के लिए कदम उठा रही हैं। बिजली पैदा करने के लिए प्राकृतिक गैस एक प्रमुख ईंधन है, इसलिए गैस की ऊंची कीमतों का मतलब है कि बिजली का बिल महंगा होगा।

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