महंत नरेंद्र गिरि मौत केस : आनंद गिरि को देहरादून ले गई सीबीआई

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : महंत नरेंद्र गिरी मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई आरोपी आनंद गिरि को लेकर देहरादून रवाना हो गई है। सीबीआई आनंद गिरि से देहरादून में पूछताछ करेगी। कथित वीडियो की बरामदगी के लिए सीबीआई आनंद गिरि को हरिद्वार स्थित सील आश्रम भी ले जा सकती है। हालांकि आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को अभी प्रयागराज पुलिस लाइन में ही रखा गया है। यहां दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। महंत नरेंद्र गिरि की मौत का राज उजागर करने के लिए सीबीआई ने कोर्ट के आदेश पर नैनी जेल में बंद आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को सात दिन के लिए कस्टडी रिमांड पर ले लिया है। सीबीआई ने आनंद गिरि से अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी से लेकर मठ के संपत्ति विवाद के बारे में पूछताछ की, इसके बाद सीबीआई उसे देहरादून लेकर रवाना हो गई।

आनंद गिरि समेत तीनों आरोपियों को नैनी जेल लेने पहुंची सीबीआई मंगलवार को 43 मिनट तक जेल परिसर में डटी रही। तीनों आरोपियों को भारी सुरक्षा के बीच प्रिजन वैन से पुलिस लाइन ले गई। इस दौरान आनंद गिरि समेत तीनों आरोपियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए मंगलवार सुबह 09:10 बजे सीबीआई की छह सदस्यीय टीम नैनी सेंट्रल जेल पहुंची। जेल में सीबीआई टीम ने कोर्ट के कागजातों का मिलान कराने के साथ ही तीनों का मेडिकल कराया। सीबीआई टीम के कुछ सदस्य तीनों को लेकर प्रिजन वैन में लेते गए। इस दौरान जेल के मेन गेट से अंदर वाले गेट सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था।

20 सितंबर की शाम महंत नरेंद्र गिरि के फांसी लगाने की सूचना मिलने के बाद सभी स्तब्ध रह गए थे। पुलिस अफसरों की मौजूदगी में शव कमरे से निकालकर दर्शन के लिए अलग कर दिया गया। फोरेंसिंक टीम ने छानबीन कर कमरे में मिले सुसाइड नोट व मोबाइल समेत अन्य वस्तुओं को कब्जे में ले लिया था। इसके बाद अगले दिन 21 सितंबर की शाम डीआईजी ने सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान के नेतृत्व में 18 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने सबसे पहले मठ में सेवादारों के बयान दर्ज किए थे। एसआईटी का पूरा ध्यान सुसाइड नोट में जिक्र मौत के जिम्मेदार आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को जेल भेजने में था। तीनों पकड़ लिए गए। लेकिन एसआईटी अब तक इनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं जुटा सकी है।

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने 22 सितंबर को भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर इस मामले की जांच सीबीआई से कराकर कृत कार्रवाई से प्रदेश सरकार को अवगत कराने का अनुरोध किया था। उन्होंने पत्र के साथ प्रदेश सरकार का सहमति पत्र (धारा-6 का आदेश) भी सचिव को भेजा था। इस सहमति पत्र के आधार पर कार्मिक मंत्रालय ने 23 सितंबर को सीबीआई जांच का नोटिफिकेशन जारी किया। 23 सितंबर की रात 9.56 मिनट पर सीबीआई ने केस दर्ज किया था।

20 सितंबर-मठ बाघंबरी गद्दी में शाम पांच बजे महंत नरेंद्र गिरि मृत मिले।
20 सितंबर-रात एक बजे आनंद गिरि के खिलाफ जार्जटाउन थाने में मुकदमा।
21 सितंबर-मुख्यमंत्री मठ पहुंचे। हरिद्वार से आनंद गिरि को प्रयागराज लाया गया
22 सितंबर-एसआईटी ने आनंद गिरि और आद्या तिवारी को जेल भेजा
पोस्टमार्टम के बाद महंत को दी गई समाधि
प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच के लिए सिफारिश की
23 सितंबर-एसआईटी ने संदीप तिवारी को नैनी जेल भेजा
सुबह पुलिस ने शासन को सीबीआई जांच के लिए आख्या भेजी
रात में सीबीआई ने दिल्ली में आनंद गिरि पर दर्ज किया मुकदमा
24 सितंबर-महंत की मौत की जांच करने सीबीआई प्रयागराज पहुंची

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button