किसानों का हक मार कंपनी राज स्थापित कर रही मोदी सरकार : कुलदीप जनवादी

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों (Three New Farm Laws) के विरोध में 40 से ज्यादा किसान संगठनों ने आज भारत बंद (Bharat Band) का ऐलान किया था। यह बंद सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक था जिसमें सभी सरकारी और निजी दफ्तरों, संस्थानों, बाजारों, दुकानों और उद्योगों को बंद रखने की अपील की गई थी।

 

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल.

जिला संवाददाता

सुलतानपुर. संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) के आह्वाहन पर केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में 27 सितंबर सोमवार को भारत बन्द का ऐलान किया गया था। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद में इस भारत बंद को सफल बनाने के लिये हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA), भारतीय किसान यूनियन (BKU) , आज़ाद समाज पार्टी (ASP) व किसान काँग्रेस ने जुलूस निकाला।

किसान आन्दोलन समर्थकों का जुलूस जनपद के तिकोनिया पार्क पहुँचने पर आंदोलित समर्थकों को सम्बोधित करते हुए HSRA प्रमुख कुलदीप यादव जनवादी ने कहा कि – ” केन्द्र में सत्तासीन मौजूदा मोदी सरकार पूँजीपतियों की पिठ्ठू है। वह तीन काले कृषि कानून लाकर किसानों का हक मार कर कम्पनी राज स्थापित कर रही है। किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाने वाली MSP गारण्टी को खत्म करके निजी कम्पनियों पर मनमाना रेट तय करने के लिए छोड़ दिया है। “

 

उन्होंने आगे कहा कि – “सहकारी मण्डियों को खत्म करने का काम इस कृषि कानून में प्रावधान कर दिया है जिससे किसानों को अपने साथ अन्याय होने पर न्यायालय में अपील का अधिकार नहीं रहेगा। वह उपजिलाधिकारी तक ही सीमित रहेगा जो कि सरकार का कारिन्दा होगा। ऐसे में यह सरकार किसान विरोधी जन विरोधी कानून लागू करके आम आवाम के हितों पर कुठाराघात करने का काम कर रही है।”

 

किसान नेता हृदयराम वर्मा ने कहा कि एक तरफ जहाँ भाजपा सरकार किसान विरोधी कृषि कानून लाकर किसानों का हक छीन रही है और उनकी जमीन ठेके पर पूँजीपतियों को देने का मसौदा तैयार कर दिया है वहीं दूसरी ओर जिले में बैठे मुख्य विकास अधिकारी भ्रष्टाचार का कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। शौचालय व प्रधानमंत्री आवास योजना में वसूली करके अपात्रों को आवास आवंटित किया। इसे सीधे तौर पर मुख्य विकास अधिकारी के संरक्षण में अंजाम दिया जा रहा है।

 

काँग्रेस के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी है। इसलिए विगत 9 महीने से चल रहे किसान आन्दोलन को धता बताते हुए अम्बानी और अडानी के साथ खड़ी है जबकि सैकड़ों किसानों ने इन काले कानूनों के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपनी शहादत दी है। लेकिन यह निकम्मी सरकार झुकने का नाम नहीं ले रही है।

 

सँयुक्त किसान मोर्चा के भारत बन्द को सफल बनाने के लिए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन जिला महासचिव अजय प्रताप वर्मा , अध्यक्ष कैप्टन शाकिर अली, शिव शंकर यादव, विनोद, विवेक प्रियदर्शी, रामकुमार समेत सैकड़ों लोग इस आन्दोलन में शामिल रहे।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों (Three New Farm Laws) के विरोध में 40 से ज्यादा किसान संगठनों ने आज भारत बंद (Bharat Band) का ऐलान किया था। यह बंद सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक था जिसमें सभी सरकारी और निजी दफ्तरों, संस्थानों, बाजारों, दुकानों और उद्योगों को बंद रखने की अपील की गई थी।

 

संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) की अगुआई में इस बंद का कई बड़े राजनीतिक दलों ने समर्थन किया था। कांग्रेस ने भी अपने सभी कार्यकर्ताओं, प्रदेश इकाई प्रमुखों और पार्टी से जुड़े संगठनों के प्रमुखों भी बंद में शामिल होने को कहा था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व BSP सुप्रीमो मायावती ने भी बंद का समर्थन किया था। आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस ने भी समर्थन दिया था। इस बंद का मिला-जुला असर दिखा।

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