Breaking News

इमरान खान गवर्नमेंट के साथ पहली आधिकारिक वार्ता करने के लिए तैयार भारत

भारत पाक की इमरान खान गवर्नमेंट के साथ पहली आधिकारिक वार्ता करने के लिए तैयार है. इस सप्ताह हिंदुस्तान से एक टीम इस्लामाबाद की यात्रा पर जाएगी  स्थायी सिंधु आयोग (पीआईसी) के साथ मीटिंग करेगी.

जहां अतीत में हिंदुस्तान ने पानी की बातचीत को ‘सिंधु जल समझौते’ के अतंर्गत महत्वपूर्ण बता चुका है. वहीं इस मीटिंग का समय भी बहुत ज्यादा जरूरी माना जा रहा है क्योंकि खान ने एक सप्ताह पहले ही पीएम ऑफिस का कार्यभार संभाला है.

मीटिंग में इंडियन दल का नेतृत्व पीके सक्सेना करेंगे, वहीं पाक की तरफ से सैयद मेहर अली शाह को इसकी आयुक्त बनाया गया है. पाक इमरान खान के नेतृत्व में हिंदुस्तान से बिना किसी खलल के वार्ता के सिलसिले को आगे बढ़ाने की बात कह चुका है. वहीं हिंदुस्तान सीमापार आतंकवाद के मामले को लेकर इस पर पूरी सावधानी बरत रहा है. इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने इमरान खान को बधाई लेटर लिखकर पाक के साथ सार्थक  रचनात्मक वार्ता को लेकर प्रतिबद्धता जाहीर की थी.

बेशक दोनों ही राष्ट्र रचनात्मक वार्ता के लिए तैयार हैं लेकिन व्यापक वार्ता को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है. हिंदुस्तान कई मौकों पर यह बात साफ कर चुका है कि जब तक पाक हिंदुस्तान के विरूद्धकार्य कर रहे आतंकवादी समूहों पर कोई कार्रवाई नहीं करता तब तक उसके साथ व्यापक वार्ता संभव नहीं है. दोनों राष्ट्रों के बीच फिल्हाल विदेश मंत्री सुषमा स्वराज  उनके समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच अगले महीने होने वाली संयुक्त देश महासभा (यूएनजीए) की मीटिंग से पहले वार्ता की आसार से इंकार नहीं किया गया है.

पाक ने पिछले वर्ष वर्ल्ड बैंक के सामने जम्मू व कश्मीर में किशनगंगा (330 मेगावाट)  रातले (850 मेगावाट) में होने वाली पनबिजली परियोजनाओं का मोदी द्वारा किए जाने वाले उद्घाटन हिंदुस्तान के डिजाइन पर सवाल उठाते हुए अपनी चिंता जाहीर की थी. पाक का कहना था कि यह परियोजना समझौते का उल्लंघन करता है  इससे पाक में बहने वाली नदी की जल आपूर्ति सीमित हो जाएगी. बता दें कि वर्ल्ड बैंक सिंधु जल समझौते की निगरानी करता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *