बंगाल के BJP विधायक ने दिए पार्टी छोड़ने के संकेत

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि अकेले मोदी लहर से सूबे को नहीं जीता जा सकता है। रविवार 19 सितंबर को दावणगेरे में उन्होंने यह बात अपने पार्टी सहयोगियों को आगाह करते हुए कही। भाजपा कोर कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए येदियुरप्पा ने कहा, इस भ्रम में बिल्कुल भी न रहें कि हम सभी चुनाव सिर्फ पीएम मोदी का नाम इस्तेमाल कर के जीत सकते हैं। हो सकता है कि लोकसभा चुनाव जीतना आसान हो, मगर राज्य में हम उस पर निर्भर नहीं रह सकते। हमें लोगों के पास विकास कार्यों को लेकर जाना होगा।

येदियुरप्पा बोले, आप सभी के लिए मेरा सुझाव है। आप में से किसी को भी विपक्ष को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उनका अपना आकलन और ताकत है। लिंगायत समुदाय से आने वाले पूर्व सीएम ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा के कुछ नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, आपको ऐसी किसी घटना (दलबदल) का मौका दिए बिना विश्वास के साथ चलना है। हमें अगले विधानसभा चुनाव में 140 सीटों के साथ भाजपा की सत्ता में वापसी के लिए ईमानदार प्रयास करने होंगे।

पश्चिम बंगाल में रायगंज से भारतीय जनता पार्टी के विधायक कृष्ण कल्याणी ने पार्टी छोड़ने के संकेत दे डाले। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया गया तो वह जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे।

कोलकाता में पत्रकारों से वह आगे बोले मैंने पार्टी के सभी कार्यक्रमों से खुद को दूर कर लिया है और मैंने मुद्दों के समाधान के लिए एक समय सीमा दी है, अन्यथा मुझे सोचना होगा। हालांकि, कल्याणी ने अपनी शिकायतों के बारे में विस्तार से नहीं बताया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे, कल्याणी ने कहा कि वह विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और सही समय पर अपना निर्णय सार्वजनिक करेंगे।

बंगाल विस चुनाव के दो मई को नतीजे आने के बाद सांसद बाबुल सुप्रियो और मुकुल रॉय समेत चार विधायक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने के लिए भाजपा छोड़ चुके हैं। कल्याणी ने कहा, यह देखना होगा कि वे किन परिस्थितियों में पार्टी छोड़ रहे हैं। उत्तर दिनाजपुर में टीएमसी जिला नेतृत्व ने कहा कि वे कल्याणी का पार्टी में स्वागत करेंगे।

भाजपा छोड़ बंगाल में टीएमसी का दामन थामने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने कहा कि जिंदगी ने सार्वजनिक मामलों से रिटायर्ड हर्ट (सक्रिय न रहने) होने की आशंका के बजाए उनके लिये एक नया रास्ता खोल दिया है। सुप्रियो ने कहा कि उन्हें किसी को कुछ साबित नहीं करना है और वह 2014 में आसनसोल से भाजपा के टिकट पर सांसद बनने के बाद से ही जमीनी स्तर की राजनीति करते रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button