बिजली दरें कम करने के मामले में आयोग ने यूपीपीसीएल से मांगा जवाब

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : यूपी विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ता परिषद द्वारा बिजली दरें कम करने की दाखिल की गई याचिका पर कार्यवाही शुरू कर दी है। आयोग ने बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकल रहे 20596 करोड़ रुपये के एवज में बिजली दरें कम करने की याचिका पर उ.प्र. पावर कारपोरेशन को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।

 

 

 

उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा द्वारा दाखिल याचिका में बिजली कंपनियों पर उदय व ट्रअप में बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के 20596 करोड़ रुपये निकलने का जिक्र किया है। इस धनराशि के एवज में राज्य में उपभोक्ताओं की बिजली दरें कम किए जाने की दलीलें दी गई हैं। याचिका पर कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए अवधेश वर्मा ने शुक्रवार को नियामक आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह से मुलाकात कर फिर से पुनर्विचार याचिका दायर की।

 

 

 

 

पुनर्विचार याचिका दायर होने पर आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह के निर्देश पर आयोग सचिव संजय कुमार सिंह ने इस याचिका पर पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता टैरिफ यूनिट से दो सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने को पत्र लिखा। परिषद ने याचिका में आयोग को बताया है कि राज्य के करीब तीन करोड़ उपभोक्ताओं के कर्ज को बिजली कंपनियां चुकाती हैं तो एकमुश्त बिजली दरों में 34 फीसदी तक कमी करनी पड़ेगी। बिजली कंपनियों पर अधिक भार एक बार में न पड़े इसके लिए परिषद ने पांच वर्षों तक हर वर्ष करीब 6.8 प्रतिशत रेगुलेटरी रिबेट व विद्युत दरों में कमी का प्रस्ताव किए जाने की मांग की है।

 

 

 

 

परिषद ने याचिका में यह भी लिखा है कि यदि सभी उपभोक्ताओं की बिजली दरें कम करने में बिजली कंपनियों को असुविधा हो रही हो तो कोरोना संकट को देखते हुए घरेलू शहरी व ग्रामीण, किसान और छोटे दुकानदारों को बिजली दरें कम कर लाभान्वित किया जाना चाहिए। बिजली दरें कम किए जाने में कोई अड़ंगेबाजी ना हो इसके लिए उपभोक्ता ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के समक्ष भी अपनी बात रखेगा।

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