बसपा सरकार में स्मारकों के बड़े घोटाले को लेकर बड़ा फैसला

स्टार एक्सप्रेस डिजिटल  : एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार रॉय ने बसपा शासन काल मे बनाए गए स्मारकों में अरबो रुपयों का घोटाला करने के आरोपी कंसोर्टियम प्रमुख अशोक कुमार की जमानत अर्जी को अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया है। उन पर डॉ भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल,मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल,बौद्ध विहार,इको पार्क व नोयडा के दलित प्रेरणा स्थल के निर्माण में सैंडस्टोन की आपूर्ति में भ्रष्टाचार व अनियमितता करने का आरोप है।

 

 

 

जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा गया कि उप्र शासन के आदेश पर गोमतीनगर में 1 जनवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराकर लखनऊ और नोयडा में 2007 से 2011 के बीच प्रदेश में बने स्मारकों के निर्माण और सैंडस्टोन की आपूर्ति में हुई अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच की गई,इस मामले में तत्कालीन लोकनिर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत 18 के खिलाफ 2014 में गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना की गई।

 

 

 

विवेचना में पता चला की आरोपियो ने नियम विरुद्ध कंसोर्टियम प्रमुख बनाकर खनन कराकर और धन प्राप्त किया,आगे कहा गया पत्थर को खदान से निकल कर राजस्थान भेज कर तराशने का निर्णय लिया गया जबकि उसे कार्यस्थल पर ही तराशा जा सकता था परंतु आरोपियो ने राजस्थान की फर्मो और ठेकेदारों से मिलीभगत करके 13 करोड़ 75 लाख 84 हजार 673 रु का बंदरबांट किया, महंगी दर पर पत्थर खरीदे,बिना विज्ञापन मनमाने ढंग से फर्मो का चयन किया,जिम्मेदार अधिकारियो के रिश्तेदारों को कार्य देकर लाभ कमाया।अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

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